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Mathura News: रामलला के लिए बांकेबिहारी मंदिर से भेजे जाएंगे मंगल उपहार

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वृंदावन(मथुरा)। अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर देशभर में उल्लास छाया है। हर कोई बालरूप रामलला के लिए उपहार भेजने को उत्सुक हैं। वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायतों द्वारा भी भगवान राम की पूजा, सेवा और शृंगार के लिए मंगल उपहार भेजे जाएंगे, जिन्हें 14 जनवरी को राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास को भेंट किया जाएगा।
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22 जनवरी को राम जन्मभूमि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव से एक बार फिर अयोध्या और वृंदावन का एकाकार होने जा रहा है। मान्यता है कि करीब 500 साल पहले संत तुलसीदास तीर्थ भ्रमण करते हुए वृंदावन धाम आए थे। पौराणिक ज्ञान गुदड़ी स्थित एक कृष्ण मंदिर में दर्शन करते समय बंशी धारण किए भगवान कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष प्रार्थना करते हुए कहा कि श्रीराम और कृष्ण में कोई भेद नहीं है तो भगवन मुझे राम स्वरूप में दर्शन दो।

भक्त की प्रार्थना पर गर्भगृह में विराजित कृष्ण की प्रतिमा ने बांसुरी के साथ धनुषबाण धारण कर उन्हें दर्शन दिए थे। तभी से इस मंदिर को तुलसी राम दर्शन स्थल के नाम से जाना जाता है। अब श्रीराम लला लंबे संघर्ष के बाद अपने भव्य मंदिर में विराजित होने जा रहे हैं, तो कान्हा की नगरी के भक्तो में भी उल्लास का माहौल है। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के अंगसेवी गोपी गोस्वामी, श्रीनाथ गोस्वामी समेत कई अन्य गोस्वामीजनों द्वारा सोमवार को ठाकुरजी को रामलला के लिए मंगल उपहार भेंट किए।
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जिनमें ठाकुरजी के गर्भगृह में पूजा अर्चना के लिए चांदी से जड़ित दक्षिणावर्ती शंख, चांदी की बांसुरी, 7 मोतियों का कंठहार, शुद्ध केसर और सर्द मौसम के अनुरूप केसर इत्र और केसर शामिल हैं। सेवायत गोपी गोस्वामी ने बताया कि भगवान राम और कृष्ण को एक स्वरूप माना जाता है। उन्होंने बताया कि बांकेबिहारी को अर्पित उपहार 14 जनवरी को श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास महाराज को सौंपे जाएंगे।


गोस्वामी ने बांकेबिहारी को निमंत्रण पत्र सौंपकर की अयोध्या चलने की प्रार्थना
बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत मयंक गोस्वामी बंटू 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होंगे। रामलला के लिए वह चांदी की मुरली, सोने-चांदी से जड़ित दो कटोरी व तुलसीदल ले जाएंगे और राम मंदिर के पुजारी को भेंट स्वरूप देंगे। उन्होंने बताया कि अयोध्या में रामलला बालरूप में विराजित होंगे। इसलिए उनके लिए खेल-खिलौने भी ले जाएंगे। उन्होंने निमंत्रण पत्र बांकेबिहारी के चरणों में रखा और रामलला को बधाई देने के लिए अयोध्या चलने के लिए प्रार्थना की है।

बांकेबिहारी मंदिर को सजाया जाएगा
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर 22 जनवरी को बांकेबिहारी मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाएगा। मंदिर के प्रबंधक मुनीश कुमार शर्मा ने बताया कि मंदिर को पुष्पों, गुब्बारों और विद्युत झालरों से सजाया जाएगा। द्वारों पर रंगोली बनाई जाएगी एवं दीप जलाएं जाएंगे। यहां भी दिवाली जैसा माहौल होगा।

रामलला के भोग को श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जाएंगे 200 किलो लड्डू
मथुरा। अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा के दिन रामलला को भोग के लिए मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान से 200 किलो लड्डू भेजे जाएंगे। मकर संक्रांति पर एक रथ इस भोग को लेकर अयोध्या के लिए रवाना होगा। 16 जनवरी से 22 जनवरी तक रामलला को इन्हीं का भोग लगाया जाएगा।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने सोमवार को बताया कि 22 जनवरी को श्रीअयोध्या धाम में आयोजित होने वाले प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर श्रीराम महोत्सव का आयोजन होगा। विराजमान भगवान श्रीकेशवदेव जी महाराज, उस दिन श्रीराम रूप धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे। भगवान श्रीकेशवदेव जी का श्रीराम रूप में शृंगार किया जाएगा। जन्मभूमि को अयोध्या के राम मंदिर की थीम पर सजाया जाएगा। फूल बंगला भी अयोध्या की थीम पर सजाया जाएगा। इस दिन भव्य रोशनी से जन्मभूमि नहाएगी।

भागवत-भवन के चारों ओर केसरिया पताका लहराई जाएगी। हजारों दीप जलाए जाएंगे। सुबह से ही भक्तों को प्रसाद का वितरण किया जाएगा। श्रीराम सहस्त्रनामावली सहित अन्य दिव्य मंत्रों से हवन किया जाएगा। भगवान श्रीराम का कमल-पुष्पों से सहस्त्रार्चन होगा। दोपहर 12:15 बजे से भगवान श्रीराम की दिव्य महाआरती, होगी। ब्रज के भजन गायक जगदीश ब्रजवासी मंगल गीतों का गायन करेंगे। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लीलामंच पर विशाल स्क्रीन लगवाई जाएगी, जिसके माध्यम से श्रीअयोध्या धाम में आयोजित होने वाले महोत्सव का सीधा प्रसारण होगा।


राम जन्मभूमि मिली, अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि की बारी
सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम को उनकी जन्मस्थली मिल गई है। अब बारी मथुरा में श्रीकृष्ण की है। मंदिर को जल्द ही भव्य रूप मिलेगा। विवादित परिसर को कोर्ट में लड़ाई जीतकर हटवाकर रहेंगे।
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