शासन ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान ग्राम पंचायतों में किए गए धन के उपयोग का भौतिक सत्यापन करने के आदेश दिए हैं। इसमें वर्तमान और पूर्व प्रधानों का कार्यकाल भी शामिल रहेगा। इस जांच में सीडीओ सहित विभिन्न विभागों के आलाधिकारी जुटेंगे।
शासन के आदेश पर सीडीओ मनीष कुमार वर्मा ने ग्राम पंचायतों में एक साल के दौरान खर्च हुई धनराशि के उपयोग की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान राज्य वित्त आयोग के अलावा ग्राम पंचायतों को मिली अन्य राशि के उपयोग की जांच होगी। 10 गांव के कार्यों की जांच के लिए वह खुद जाएंगे। इसके अलावा बाकी ग्राम पंचायतों के लिए विभागाध्यक्षों को जिम्मेदारी दी जाएगी।
सीडीओ ने बताया कि जांच के दायरे में पूर्व ग्राम पंचायत बोर्ड के साथ नवनिर्वाचित बोर्ड भी होगा। ग्राम पंचायतों के वर्तमान बोर्ड को पिछले तीन माह के दौरान 11 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। जांच के दौरान संबंधित कार्य का खुली बैठक में प्रस्ताव, कार्य योजना और निर्माण की गुणवत्ता भी परखी जाएगी।