छह माह पूर्व बलदेव में हुए राजू हत्याकांड में गांव खायरा में दविश के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला बोल दिया। उन्होंने निजी वाहनों से गए पुलिस कर्मियों और उनके साथ गए लोगों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा, पथराव कर उनके वाहन तोड़ दिए। पुलिस ने बचाव में हवाई फायर किए तो ग्रामीणों ने भी फायरिंग की। दोनों के बीच करीब 20 राउंड फायरिंग होने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों ने पुलिस पर घर में तोड़फोड़ और लूटपाट करने का आरोप लगाया है।
छह माह पूर्व बलदेव कस्बा में राजू पुत्र श्रीनिवास की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें बलदेव निवासी सचिन, बलराम, बंटी और बच्चू नामजद हुए थे। बताया गया कि हत्यारोपी सचिन की ओर से उनके बहनोई विनोद कुमार निवासी गांव खायरा थाना छाता पैरवी कर रहे थे। वर्तमान में विनोद हिमाचल प्रदेश में किसी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वे गांव में आयोजित होने वाला फूलडोल मेला देखने आए थे।
मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे स्कार्पियो, बोलेरो और वैगनआर कार में बलदेव थाने की पुलिस, करीब 12 बलदेव के युवकों ने विनोद को उनके घर से पकड़ लिया। पुलिस कर्मी विनोद को अपने साथ ले जाने लगे तभी मौके पर जुटे गांव के लोगों ने पुलिस से कारण पूछा। कोई जवाब न देने पर ग्रामीण विनोद को छुड़ाने लगे। पुलिस कर्मियों ने विरोध किया तो ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों और उनके साथ आए लोगों की पिटाई कर दी और दौड़ा दिया। उनके वाहन तोड़ दिए, इस पर पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग की गई। इस पर ग्रामीणों की ओर से भी फायरिंग हुई। बाद में पुलिस कर्मी वाहनोें को लेकर भाग गए।
सूचना पर छाता पुलिस के एसआई अनुराग शर्मा मौके पर गए। वहां से ग्रामीणों ने खाली खोखा कारतूस बरामद कराए। इस मामले में विनोद ने छाता कोतवाली में 12 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ 1.50 लाख रुपये और गहने लूट ले जाने, घर में गाड़ी तोड़ने की तहरीर छाता पुलिस को दी। छाता पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
लड़की बरामद करने आई थी बलदेव पुलिस
मथुरा। छाता कोतवाली प्रभारी का कहना है कि बलदेव पुलिस उन्हें बिना सूचना दिए खायरा में लड़की बरामद करने गई थी। कुछ लोग बलदेव में हुए हत्याकांड में हत्यारोपियों की पैरवी कर रहे विनोद को धमका रहे थे। ग्रामीण गलत समझ बैठे और पुलिस के प्रति आक्रोशित हो गए।
गोवर्धन थाने से गायब विवाहिता की विवेचना बलदेव थाने से हो रही है। लोकेशन खायरा में मिली थी। महिला बरामद करने बलदेव थाने से दरोगा और चार सिपाही खायरा गए थे। वहां राजू हत्याकांड के आरोपी के रिश्तेदार और बलदेव के कुछ लोगों में कहासुनी हो गई। बलदेव पुलिस पहुंचने पर ग्रामीण गलत समझ बैठे। खायरा में हुई मारपीट से बलदेव पुलिस का कोई लेनादेना नहीं है।
- अमित कुमार, थानाध्यक्ष बलदेव