मथुरा। नगर आयुक्त व महापौर में बने सामंजस्य के बाद अब अतिक्रमण रार बन गया है। महापौर और नगर निगम के अधिकारी के निर्देशन में टीम द्वारा दो दिन से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को महापौर ने अपने निर्देशन को सिरे से नकार दिया। यह दरार तब सामने आई जब महापौर ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाला।
आगरा में हुई बैठक में दोनों जिम्मेदारों में सुलह हुई थी। महापौर विनोद अग्रवाल सोशल मीडिया पर लिखा...नगर निगम के अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण के बारे मेरे निर्देश का हवाला दिया जा रहा है, जो सरासर झूठा है। मैंने अतिक्रमण संबंधित कोई निर्देश जारी नहीं किया है। उनके द्वारा यह लिखने के बाद कई लोग विरोध में उतर आए...विपिन अग्रवाल ने लिखा...अतिक्रमण ने पूरे यातायात व्यवस्था को बाधित कर दिया है...शायद आप मथुरावासियों के दर्द से अनभिज्ञ हैं।
इस पर तल्ख टिप्पणी करते हुए महापौर ने लिखा...आप मेरी छवि की चिंता छोड़कर अपने स्वार्थ की चिंता करें...मुझे क्या करना है...यह मुझे पता है। महापौर के इस कड़क तेवर से साफ-साफ नजर आ रहा है कि वह अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ हैं, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं अतिक्रमणकारियों पर सख्ती दिखाते हैं। नगर के अधिकारी भी सीएम के आदेश का पालन कर हरे हैं। हालांकि महापौर इस अभियान के समर्थन में नहीं हैं।
-
वर्जन
मैं इस अभियान का विरोध नहीं कर रहा हूं, लेकिन मैंने अतिक्रमण हटाओ अभियान का कोई निर्देश नहीं दिया है। यह अभियान नगर निगम के अधिकारी चला रहे हैं।
-विनोद अग्रवाल, महापौर
-
एक सम्मानित पद पर रहकर इस प्रकार की शब्दावली अशोभनीय है। आप शहर के प्रथम नागरिक...इस पर महापौर स्वयं विचार करें।
-विपिन सिंघल, व्यापारी