नौहझील। खैर थाना क्षेत्र में पिछले दिनों हुए सनसनीखेज अरुण हत्याकांड के दोनों नामजद आरोपियों को पुलिस ने सोमवार रात मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के बाएं पैर में गोली लगी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपियों की पहचान हिस्ट्रीशीटर सतेंद्र उर्फ सत्ते निवासी एदलगढ़ी और उसके साथी मोती निवासी आजनौंठ के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से दो तमंचे, चार कारतूस, तीन खोखा, बिना नंबर प्लेट की एक बाइक और 2600 रुपये बरामद किए। हत्या में प्रयुक्त गमछा भी बरामद किया है।
सीओ अमरनाथ यादव ने बताया कि अलीगढ़ जनपद के राघवगढ़ी निवासी अरुण कुमार (35) एक जुलाई को अपनी बाइक लेकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजन द्वारा की गई खोजबीन में अरुण की अंतिम लोकेशन नौहझील के आजनौठ गांव स्थित अजय ढाबे पर मिली। पता चला कि वह अपने दोनों साथियों के साथ खाना खाने आया था। इसके बाद छह जुलाई को मृतक के पिता ने नौहझील थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
इस बीच छह जुलाई की शाम को अलीगढ़ के शिवाला गांव के पास नहर में राजस्थान के एक युवक के डूबने की आशंका पर सर्च ऑपरेशन चला रही एनडीआरएफ की टीम को एक शव मिला। इसकी शिनाख्त परिजन ने अरुण के रूप में की। कातिलों ने उसके शव को उसकी ही बाइक से रस्सी के सहारे बांधकर नहर में डुबो दिया था। इसके बाद मृतक के पिता सोमेश ने सात जुलाई को दोनों नामजदों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।