गोवर्धन। सहकारी समिति के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। किसानों को बैठने तक के लिए कोई स्थान नहीं है। धूप से बचने के लिए किसान इधर-उधर भटकते रहते हैं। समिति के भवन में पशु बंध रहे हैं।
गोवर्धन सहकारी समिति से 28 गांवों के किसानों का खाद-बीज एवं कृषि ऋण लेन-देन के लिए आवागमन रहता है। गर्मी में उनके लिए हवा, पानी आदि की व्यवस्था तो दूर बैठने तक के लिए कोई स्थान नहीं है। किसान इधर-उधर पेड़ों के नीचे भटकते फिरते हैं।
समिति में कार्यरत सचिव के पशु सहकारी समिति के भवन में बंध रहे हैं। प्रमोद शर्मा ने बताया कि एक घंटे से यहां गर्मी में घूम रहे हैं। सचिव और उनके कर्मचारी कुर्सियों पर बैठ कर पंखे की हवा ले रहे हैं। किसानों को न बैठने की जगह है और न कोई पानी की व्यवस्था है। सरकारी भवन में पशु बंधे हुए हैं।
सहकारी समिति पर सचिव परिवार के साथ निवास करते हैं, पीछे की तरफ उनके पशु बंधते हैं। किसानों के बैठने के लिए वहां पर्याप्त जगह है। पीने के पानी की व्यवस्था कराई जाएगी।
रवींद्र कुमार, एआर कॉपरेटिव, मथुरा।