मथुरा। भूतेश्वर के पास नए बस स्टैंड के सामने अवैध बस स्टैंड भी बन चुका है। यहां प्राइवेट डग्गेमार वाहनों का तांता लगा रहता है। आगरा, मैनपुरी, एटा, इटावा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद आदि से आने वाली बसों से उतरने वाले राहगीरों को डग्गेमार वाहन तुरंत लपक लेते हैं। यहां उतरने वाली सवारियां छाता, बरसाना, सौंख, गोवर्धन और भरतपुर तक के लिए जाती हैं।
मथुरा में 180 रोडवेज बसें हैं। इसके अतिरिक्त 30 बसें नई संचालित होने वाली हैं, लेकिन ज्यादातर बसें डिपो में ही खड़ी रहती हैं। इसमें 70 अनुबंधित बसें भी शमिल हैं। भूतेश्वर बस स्टैंड के ठीक सामने अवैध बस स्टैंड संचालित है। यहां खड़ीं प्राइवेट डग्गेमार गाड़ियां खुलेआम सवारियों को भरकर ले जाती हैं। इन्हें रोकने टोकने की बजाय रोडवेज के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। नाम ना छापने की शर्त पर एक अनुबंधित बस संचालक ने बताया कि रोडवेज की बस छाता, कोसी, बरसाना, सौंख तक नहीं जाती हैं। इसलिए डग्गेमार वाहनों को छूट मिली हुई है। शिकायत करने पर रोडवेज के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। कई बार विरोध प्रदर्शन भी किया गया है।
यात्रियों को जबरन बैठाते हैं निजी वाहन चालक
परिचालकों ने बताया कि निजी वाहन चालक यात्रियों को जबरन बैठा लेते हैं। विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। कई बार दबंगों ने चालक परिचालक की पिटाई भी कर दी है। इसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हाेती है। जबकि एआरएम का कार्यालय बस स्टैंड के नजदीक ही है।
डिवाइडर बना है मुश्किल
भूतेश्वर बस स्टैंड के सामने 25 से 30 फीट की सड़क है। इसके बीच में डिवाइडर लगा हुआ है। रोडवेजकर्मियों का कहना है कि बस स्टैंड से सवारियों को भरने के लिए डिवाइडर के चलते सड़क के दूसरी ओर नहीं पहुंच पाते हैं। इस वजह से डग्गेमार वाहन सवारियां भर कर ले जाते हैं।
निजी लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। इसके लिए जिला प्रशासन को अवगत करा दिया है। कार्रवाई करना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
बीपी अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक