मथुरा। जिला अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस काम में नहीं आ रही हैं। गंभीर रोगियों व उनके परिजनों को इस समस्या से आए दिन जूझना पड़ता है और हजारों रुपये खर्च कर निजी एंबुलेंस किराए पर ले जाना उनके लिए मजबूरी बना हुआ है।
ऐसा ही एक मामला बृहस्पतिवार रात को जिला अस्पताल में सामने आया। शाम को फरह के समीप सड़क दुर्घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के लोग दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां गोवर्धन निवासी इरशाद की मौत हो गई, जबकि पप्पू घायल हो गया। पप्पू के घर वालों ने उसे अन्य अस्पताल में ले जाने के लिए एंबुलेंस मांगी लेकिन अस्पताल में चालक के मौजूद न होने पर वह निजी वाहन से पप्पू को अन्य अस्पताल ले गए। इसके बाद रात में इरशाद के शव को ले जाने के लिए परिवार के लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से एंबुलेंस की मांग की। लेकिन एंबुलेंस के चालक ने जाने से इनकार कर दिया। चालक ने निजी एंबुलेंस ले जाने के लिए दबाव बनाया। लगभग ढाई घंटे के बाद रात लगभग 10 बजे मामला अस्पताल के सीएमएस के पास पहुंचा। सीएमएस के हस्तक्षेप के बाद सरकारी एंबुलेंस से शव को ले जाया गया।
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यह एक गंभीर मामला है। इसकी जांच करा रहे हैं। इसमें जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकारियों को लिखा जाएगा।
- डॉ. आरएस मौर्या, सीएमएस जिला अस्पताल।