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राम और रामायण से हमारा पुराना नाता: अमर सिंह

Sat, 10 Sep 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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अमर ‌‌सिंह
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राज्यसभा सदस्य व सपा के कद्दावर नेता रहे अमर सिंह ने कहा है कि राम और रामायण से उनका पुराना नाता रहा है। धर्म जीवन जीने की एक विधा है। आज इसे राजनीति बनाया जा रहा है। ये ठीक नहीं है। 
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अमर सिंह शुक्रवार को मसानी स्थित कल्याणं करोति संस्था के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने कहा कि जब भाजपा राम का नाम भी नहीं लेती थी उस समय समाजवादी डा. राममनोहर लोहिया रामायण का पाठ किया करते थे। राम और रामायण से हमारा पुराना नाता है। 

उन्होंने कहा कि धर्म जीवन जीने की एक विधा है, आस्था और अटूट विश्वास है धर्म। इसको लेकर राजनीति नहीं करनी चाहिए। अखिलेश के राहुल के प्रति दोस्ताना व्यवहार के मायने पूछे जाने पर अमर सिंह ने कहा कि राजनीति में किसी का व्यक्तिगत नहीं केवल सैद्धांतिक विरोध होता है। जिस तरह सरकारी सेवा संघ होता है उसी तरह हम लोग इंडियन पॉलिटिकल सर्विस (आईपीएस) करते हैं। कोई किसी दल के लिए और कोई किसी दल के लिए काम करता है।
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आजम खान के तीखे बोलों पर बस इतना कहा कि शायद मुझमें कोई बुराई होगी इसीलिए वो ऐसा कहते हैं। राहुल की सभा में खाटों की लूट पर बोले कि मेरा देश गरीब है, जहां लोगाें के पास सोने के लिए खाट भी नहीं है।

मैं सपा का न नेता और न पदाधिकारी
विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार बनने की संभावनाओं के सवाल पर अमर सिंह ने कहा कि वो समाजवादी पार्टी के नेता नहीं हैं और न ही कोई पदाधिकारी हैं। ये सवाल आलाकमान से पूछना चाहिए। इस बीच उनके शब्दों में दर्द भी झलका। उन्होंने कहा कि कोई नहीं चाहता था कि मैं राज्यसभा सदस्य बनूं। केवल मुलायम सिंह की इच्छा थी। मैं उनके नेतृत्व के प्रति आस्था रखता हूं। 
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