रहमत और बरकत के महीने रमजान के आखिरी जुमे पर मसजिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। इत्र की खुशबू से नहाई मसजिदों में अखलाक और खुलूश के साथ अलविदा की नमाज अदा की गई। हजारों की तादात में नमाजियों ने सजदे में सिर झुकाया। मुल्क में अमन-चैन के लिए दुआएं मांगी।
रमजान के आखिरी जुमे पर रोजेदार खासे उत्साहित दिखे। इसका गवाही अकीदतमंदों से भरी मसजिदों ने दी। शहर हो या देहात मसजिदों में काफी रौनक रही। सुबह से ही मसजिदों में अलविदा की नमाज की तैयारी जोरी पर रही। बारह बजते-बजते रोजेदारों की भीड़ जुटने लगी।
कोई सिर पर नई टोपी लगाए पहुंचा तो कोई नए कपडे़ पहनकर। नमाज अदा करने वालों में छोटे बच्चे भी पीछे नहीं रहे। नमाजियों के कपड़े और बदन पर लगे इत्र की खुशबू से मसजिदें महक उठी। शहर की अलग-अलग मसजिदों में अलग-अलम समय पर अलविदा की नमाज अदा की गई। चौक बाजार की शाही जामा मसजिद समेत तमाम मसजिदों में अकीदत के साथ अलविदा की नमाज अदा की गई। इस दौरान शहर में पुलिस की व्यवस्था चाक चौबंद रही।
इस अवसर पर सपा के मथुरा-वृंदावन के प्रत्याशी डा.अशोक अग्रवाल, डा. वकील कुरैशी ने शाही जामा मस्जिद, शाही ईदगाह पर पहुंचकर मुसलिम समाज के लोगों को बधाई दी। शाह अल्वी समाज विकास समिति की ओर से डा. एनएम शाह, डा. गुलमोहम्मद, रहीश शाह, अशगर शाह, शहजाद शाह आदि ने इंतजामों की सराहना की।
शुरू हुआ खुशियों का दौर
अलविदा की नमाज के साथ ही ईद की खुशियाें का दौर शुरू हो गया। लोग अभी से एक दूसरे को ईद की बधाई देने लगे। ऐसा माना जाता है अलविदा ईद के आने का प्रतीक है। इसके बाद से खुशियों की आमद होने लगती है।
पालिका-प्रशासन का शुक्रिया अदा किया
जामा मस्जिद ट्रस्ट की ओर से अलविदा जुमा की नमाज पर बेहतर इंतजाम के लिए पालिका और प्रशासनिक अफसरों का शुक्रिया अदा किया। इस अवसर पर हाजी यामीन, शरीफ कुरैशी, डा. यूनिस, डा. जेड हसन, अब्दुल हक, सईद आजमी, युनूस सेठी, अयूब साहब, रहीसुद्दीन उमर साहब, शाहिद अली, सदरुद्दीन अब्बासी, हाजी इशहाक आदि थे।