मथुरा। युवाओं में लग्जरी गाड़ियों के साथ ही वीआईपी नंबर का क्रेज भी तेजी से बढ़ रहा है। एक-एक नंबर के लिए परिवहन विभाग में 15 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की बोली लगाई जा रही है।
जिले में नवरात्र के दिनों में ही करीब 450 चार पहिया और तीन हजार दो पहिया वाहनों की बिक्री हुई। इसके बाद अपने वाहन में वीआईपी और पसंदीदा नंबरों के लिए बोली लगी। एक से 15 अक्तूबर तक परिवहन विभाग को इससे 16.29 लाख रुपये राजस्व प्राप्त हुआ है। धनतेरस और दीपावली के लिए बुक वाहनों के वीआईपी नंबर से विभागीय अधिकारियों को 50 लाख से अधिक का राजस्व होने की उम्मीद है।
सुविधायुक्त आवास, लग्जरी वाहनाें के साथ ही अब लोगों में वीआईपी नंबर भी रुतबे का प्रतीक बन गया है। परिवहन विभाग की ओर से हर सीरीज में कुछ वीआईपी नंबर को आरक्षित रख उनकी खुली बोली लगाई जाती है। इससे सरकार को मोटा राजस्व मिलता है। अगर वाहन मालिक पसंदीदा नंबर प्राप्त करना चाहता है तो उसे एमपी ऑनलाइन या वाहन डीलर के माध्यम से परिवहन विभाग की वेबसाइट पर बोली लगानी होती है। जिसकी बोली अधिक होती है उसे वीआईपी नंबर आवंटित कर दिया जाता है।
विभाग के पास 10 अति आकर्षक नंबर
एआरटीओ निशी सिंह ने बताया कि विभाग के पास 10 अति आकर्षक नंबर हैं। इसमें दो पहिया वाहन के लिए 20 हजार और चार पहिया के लिए एक लाख रुपये से शुरुआत है। इसके अलावा अति महत्वपूर्ण 46 नंबरों की सीरीज है। इसमें दो पहिया वाहन 10 हजार और चार पहिया वाहन के लिए 50 हजार रुपये से शुरुआत है।
वाहनों के वीआईपी रजिस्ट्रेशन नंबरों की अपेक्षा च्वाइस नंबरों का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। यह दोनों प्रक्रिया ऑनलाइन हैं। निर्धारित शुल्क चुकाने पर आवेदक को च्वाइस नंबर ऑटोमैटिक आवंटित हो जाता है, वहीं अधिक बोली लगाने वाले को वीआईपी नंबर दिया जाता है।
निशी सिंह, एआरटीओ
वाहनों की बिक्री और प्राप्त राजस्व
(साल-माह) वाहनों की बिक्री राजस्व लाख रुपये
2023-2024 2215 1,72,20,500
2024 (सितंबर माह तक) 1385 1,15,32,500
2024 ( 15 अक्तूबर तक) 208 16,29,000