प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई। इस खबर के मिलते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई। इसके कुछ समय बाद ही जब बताया गया कि नवजात ने भी दम तोड़ दिया है, तो गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर दिया।
मथुरा में प्रसव के बाद महिला और बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने सीएचसी के चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मंगलवार को परिजन महावन तहसील पहुंचे। एसडीएम के न मिलने पर डीएम से शिकायत की बात कही है।
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बलदेव के गांव जादौपुर निवासी रामवीर सिंह मूल रूप से सादाबाद के गांव सरुपा के रहने वाले हैं। उन्होंने 23 जनवरी दोपहर 12 बजे पत्नी शैलेश (33 वर्ष) को प्रसव कराने के लिए सीएचसी पर भर्ती कराया। महिला डाॅक्टरों की देखरेख में शाम 4 बजे प्रसूता ने एक बेटे को जन्म दिया। नवजात की शांत स्थिति पर रामवीर की बहन समुद्री देवी ने उसे डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। थोड़ी देर बाद शैलेश की तबीयत भी बिगड़ गई।
इस पर डॉक्टरों ने एम्बुलेंस बुलाकर उसे जिला अस्पताल भेज दिया। अस्पताल ले जाते समय महिला की मौत हो गई। रामवीर सिंह के बहनोई लाल चंद ने आरोप लगाया कि डाॅक्टरों की लापरवाही से शैलेश की मौत हुई है। परिजन मंगलवार को एसडीएम महावन को शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। यहां कोई अधिकारी नहीं मिला। बताया कि जिलाधिकारी को मामले से अवगत करा कर कार्रवाई की मांग की जाएगी। वहीं सीएचसी बलदेव प्रभारी डाॅ. विजेंद्र सिंह सिसौदिया ने बताया कि अस्पताल में मृत्यु नहीं हुई है।