जवाहर बाग कांड के सूत्रधार रामवृक्ष यादव के दाहिने हाथ माने जाने वाले चंदनबोस, राकेश बाबू गुप्ता और वीरेश यादव को पकड़ने को पुलिस सरगर्मी से जुटी है। तीनों को पकड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने एसटीएफ और एटीएस की टीम लगाई है।
इन टीमों को आईजी एसटीएफ और आईजी एटीएस लीड कर रहे हैं। इस संबंध में स्थानीय पुलिस से पूरी जानकारी ली गई है। दोनों टीमें कई जगह दबिश दे रही हैं। रामवृक्ष यादव अपने साथी चंदनबोस निवासी पश्चिम बंगाल और वीरेश यादव निवासी बदायूं पर खास भरोसा जताता था।
राकेश बाबू गुप्ता निवासी 299 ए सिविल लाइन बदायूं उसके लिए आर्थिक व्यवस्था करता था। आपरेशन जवाहर बाग के बाद ये तीनों फरार हैं। पुलिस ने तीनों पर पांच-पांच हजार का इनाम भी घोषित किया हुआ है।
फाइनेंसरों की भी होगी धरपकड़
रामवृक्ष यादव को आर्थिक मदद जुटाने वाले लोगों की भी धरपकड़ की जाएगी। जवाहर बाग में मिले एक रजिस्टर में इन लोगों के नाम-पते और बैंक खातों की जानकारी मिली है।
मोबाइलों से जुटाई जा रही जानकारी
जवाहर बाग में पुलिस कार्रवाई के दौरान भागे हजारों कब्जाधारी अपने मोबाइल और अन्य सामान पीछे छोड़ गए हैं। पुलिस को बाग में 25 से अधिक फोन मिले हैं। उन फोन में सेव किए गए नंबरों पर फोन कर पुलिस जानकारी जुटा रही है। इनमें से बहुत से नंबर उड़ीसा, बिहार, कटक, बदायूं, कन्नौज के साथ देश के अन्य इलाकों के भी हैं।