मथुरा। सदर तहसील में तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर से ईडब्लूएस प्रमाण पत्र जारी किए जाने के मामले में अब गहराई से जांच कराई जाएगी। जांच का दायरा अब बढ़ा दिया गया है। जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने बीते चार माह में जारी किए गए सभी आय प्रमाण पत्र का सत्यापन करने के आदेश दिए हैं। मामले में दोषी आरसी बाबू को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
दुर्बल आय वर्ग (ईडब्लूएस) के प्रमाण पत्रों में तहसीलदार सदर सौरभ कुमार के फर्जी हस्ताक्षर मिलने के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच के लिए बनाई गई कमेटी में तहसीलदार सदर, नायब तहसीलदार और कानूनगो को शामिल किया गया था। प्राथमिक जांच में हस्ताक्षर फर्जी होने की पुष्टि हुई है। प्रमाण पत्र आरसी बाबू सादिया के पटल से जारी होते हैं, ऐसे में प्रथम दृष्टया उन्हें इसके लिए दोषी मानते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें निलंबित कर दिया है।
अब डीएम ने गहराई से इसकी जांच के आदेश दिए हैं। इसके तहत बीते चार माह में जारी किए गए सभी आय प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाएगा, ताकि स्थिति साफ हो सके। इसके साथ ही जिन 39 लोगों के ईडब्लूएस प्रमाण पत्र पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे उनसे भी संपर्क करने के डीएम ने आदेश दिए हैं। डीएम ने बताया कि लोगों से संपर्क कर यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि उन्होंने कहीं ई डब्लूएस प्रमाण पत्र किसी आवेदन या अन्य किसी कार्य में प्रयोग तो नहीं किया है। इसके बाद पूर्व में फर्जी हस्ताक्षर से जारी प्रमाण पत्रों को निरस्त कर नए प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
अंतिम जांच में दोषी मिलीं तो कराई जाएगी एफआईआर
डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में आरसी बाबू सादिया द्वारा फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का मामला सामने आने पर उन्हें निलंबित किया गया है। उनके विरुद्ध अंतिम जांच के आदेश दिए गए हैं। अगर इस जांच में भी उनके दोषी होने की पुष्टि होती है तो एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
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