फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धक्कामुक्की, नोकझोंक, हाथापाई फिर भी जेब न भर पाई

Wed, 16 Nov 2016 11:47 PM IST
अमर उजाला मथुरा
विज्ञापन
धनराशि खत्म हो गई - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बैंकों के बाहर लगी लंबी लाइनों में धक्कामुक्की, नोकझोंक और हाथापाई भी हो गई। इसके बाद भी लोगों का नंबर आता उससे पहले ही धनराशि खत्म हो गई। इसके चलते कई लोगों को मायूस होकर ही घर लौटना पड़ा।
विज्ञापन


बुधवार को भी लोगों की शुरुआत बैंकों के बाहर लंबी लाइन में लगकर हुई। लोग सुबह उठकर तरोताजा हुए और सीधे बैंकों के बाहर लाइन में लग गए। यहां लोगों में धक्कामुक्की, नोकझोंक होती रही। बैंक के मुख्य द्वार पर पहुंचने के बाद चैनल गेट के अंदर घुसने के लिए लोग हाथापाई पर उतर आए। बैंकों में मौजूद पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी दिन भर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करते रहे। दोपहर बाद अधिकांश बैंकों में धनराशि खत्म हो गई।

सेंट्रल बैंक छत्ता बाजरा, सुबह सात बजे
सुबह सात सात बजे छत्ता बाजार स्थित सेंट्रल बैंक में लोगों की लंबी लाइन लग गई। यहां कतार में लगे रफीक ने बताया कि सुबह उठते ही कतार में लगने के लिए आ गया हूं। अब बेटा आएगा तो वो वापस घर जाएंगे।
विज्ञापन


यूनियन बैंक होली गेट, सुबह आठ बजे
सुबह आठ बजे होली गेट स्थित यूनियन बैंक में लोगों की लंबी कतार लगी थी। यहां सीनियर सिटीजन की कतार में खड़े राजवीर सिंह ने बताया कि घर का राशन लेकर जाना है। आज रुपये बदलवाकर ही जाएंगे।

ओबीसी होली गेट, सुबह नौ बजे
सुबह नौ बजे होली गेट स्थित ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स में ग्राहकों की लंबी कतार लगी थी। यहां लोग एक-दूसरे से पूछते नजर आए, भैया आज कैश तो बैंक में आ गया होगा। सभी कैश की उम्मीद में लाइन में लगते जा रहे थे।

क्वालिटी चौराहे स्थित एचडीएफसी बैंक, दोपहर 12 बजे
दोपहर बारह बजे क्वालिटी चौराहे स्थित एचडीएफसी बैंक में भी ग्राहकों की लंबी कतार लगी थी। यहां लाइन में लगे प्रभुशंकर ने बताया उनकी मां बीमार हैं। उपचार और दवा के लिए हर हाल में खुले रुपये चाहिए।

दोपहर एक बजे सौंख अड्डा स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर ग्राहकों की लंबी लाइन लगी थी। तभी राह चलते ने कह दिया कैश खत्म हो गया। इसके चलते अफरातफरी मच गई। स्थिति स्पष्ट होने के बाद लोग लाइन में लगे रहे।

धनराशि समायोजन के बाद मिली राहत
मंगलवार देर रात रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से अनुमति मिलने के बाद प्रशासनिक अफसरों ने जिन बैंकों में धनराशि अधिक थी उनसे लेकर उन बैंकों तक पहुंचाई जहां धनराशि कतई नहीं थी। एक बड़ी धनराशि ग्रामीण अंचल की बैंकों तक भी पहुंचाई गई। इसके बाद बुधवार को लोगोें ने थोड़ी राहत महसूस की।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें