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Mathura News: 11 दिन बाद संत प्रेमानंद की दैनिक पदयात्रा शुरू, दर्शन को उमड़े अनुयायी

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परिक्रमा मार्ग में पदयात्रा करते संत प्रेमानंद महाराज।
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वृंदावन। इंतजार की घड़ियां समाप्त हुईं। संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा एक बार फिर से शुरू हो गई। हालांकि मार्ग फिलहाल छोटा हो गया है। सोमवार को संत महाराज ने पूर्व की तरह ही पदयात्रा की। मार्ग में सड़क के दोनों ओर लोग खड़े रहे। दोनों साइड रस्सी लगा दी गई थी। आश्रम के बाहर लोगों ने सड़क पर रंगोली बनाईं थीं। यात्रा का दृष्य पूर्व की पदयात्रा जैसा ही रहा।
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गौरतलब है कि दो अक्तूबर को श्रीराधे हित केलिकुंज आश्रम की ओर से सोशल मीडिया एक संदेश डाला गया कि संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य के चलते पदयात्रा कुछ दिन स्थगित रहेगी। इस यात्रा के बंद होने के बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी वीडियो और संदेश की बाढ़ आ गई। कोई उनके अस्पताल में भर्ती होने की वीडियो डालने लगा तो कोई किसी ने अन्य अफवाहों की वीडियो जारी कीं। लोगों में महाराज के स्वास्थ्य को लेकर बेचैनी हो गई।
महाराज के अनुयायी मथुरा-वृंदावन ही नहीं, बल्कि कई देश और विदेशों में भी है। बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई कलाकार भी महाराज में आस्था रखते हैं। वह कई बार मिलने भी आ चुके हैं। जब लोगों में बेचैनी बढ़ी तो कई लोग महाराज का स्वास्थ्य हाल जानने के लिए उनके आश्रम पहुंचे। जहां पता लगा कि महाराज का हाल इतना भी खराब नहीं है। वह एकांतिक वार्तालाप कर रहे हैं।
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संत प्रेमानंद महाराज ने एकांतिक वार्तालाप के दाैरान खुद ही स्पष्ट कर दिया कि वह बिल्कुल ठीक हैं। कुछ लोग बेवजह ही भ्रम फैला रहे हैं। तब जाकर लोगों को कुछ शांति मिली। वहीं संत प्रेमानंद महाराज ने आश्रम से बाहर आकर भी दर्शन दिए। संत महाराज रविवार को अल सुबह आश्रम से कुछ दूरी तक पैदल चले। इसकी जानकारी लोगों तक पहुंची तो आश्रम के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। इसके बाद सोमवार सुबह आश्रम से लेकर रमणरेती मार्ग में सड़क के दोनों ओर भीड़ जमा हो गई। सड़कों पर भक्तों ने रंगाेली बनाई और जगह-जगह फूल बिछाए। श्रृद्धालुओं ने कहा कि महाराज की यात्रा दोबारा शुरू होने से लोगों को उनके दर्शन आराम से होंगे। लोग उनके इंतजार में सड़क किनारे ही बैठे रहते हैं। पूरी रात सड़क पर काट देते हैं। बस मन में इस बात की इच्छा होती है कि एक बार उनकी झलक मिल जाए।









सर्व समाज के लोग कर रहे विचारों का अनुसरण
वृंदावन। पाखंड से दूर रहने के संदेश के बाद पूरे देश भर से सर्व समाज के लोग उनके विचारों का अनुसरण करने लगे हैं। धर्म और समाज की बंदिशों को दरकिनार करते हुए अब समुदाय विशेष के लोगों ने अपना गुर्दा देने की पेशकश की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देश के कोने कोने से लोगों ने महाराज के विचारों का स्वागत करते हुए उन्हें देश का सच्चा संत बताया है। प्रेमानंद महाराज की सुबह हाेने वाली यात्रा का संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंच गया है। महाराज के दर्शन करने के लिए लोग केलिकुंज स्थित मार्ग में खड़े होकर उनकी राह देख रहे हैं। एक श्रद्धालु ने भावुक होते हुए बताया कि महाराज हर रोज नहीं बल्कि एक दो दिनों के बाद दर्शन दें, लेकिन दर्शन जरुर दें। श्रद्धालु बड़ी बेसब्री के साथ उनके वीडियो को देखने का इंतजार कर रहे हैं। वृंदावन आने वाले श्रद्धालु रात के समय केलिकुंज जाने का रास्ता भी पूछते नजर आए। संवाद

योगी नवलगिरी ने की संत प्रेमानंद को किडनी देने की इच्छा जाहिर
वृंदावन। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर योगी नवलगिरी महाराज ने प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और प्रेम व्यक्त करते हुए उन्हें अपनी किडनी दान करने की इच्छा जाहिर की है।महामंडलेश्वर नवलगिरी महाराज स्वयं बृजवासी साधु हैं, जो वर्षों से फलाहारी जीवन का पालन करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज ने अपने जीवन का हर क्षण श्रीराधा रानी की महिमा को जन-जन तक पहुंचाने में समर्पित किया है। ऐसे महान संत का स्वस्थ रहना सम्पूर्ण ब्रज और भक्त समुदाय के लिए परम आवश्यक है।योगी नवल गिरी महाराज ने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि यदि मेरे शरीर का एक अंग भी राधा रानी के प्रिय भक्त की सेवा में लग सके तो यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य होगा।संवाद
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