मथुरा। सात वर्ष पूर्व जिला जेल में ब्रजेश मावी और राजेश टोंटा गैंग के बीच हुए गैंगवार के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) की अदालत में शनिवार को तीन आरोपियों के अधिवक्ताओं ने अदालत में बहस दाखिल कर दी। न्यायालय अब एक फरवरी को निर्णय की तारीख तय करेगा। जानकारी रहे गैंगवार के कुल १५ आरोपियों में से तीन जेल में हैं, अन्य आरोपित जमानत पर हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात रहे मेरठ के ब्रजेश मावी की १० सितंबर २०१५ को हाथरस के राजेश टोंटा ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। ब्रजेश मावी जमीन का सौदा करने के लिए राजेश टोंटा के पास मथुरा कृष्णा नगर निवासी प्रमोद चौधरी और कंपू घाट निवासी गोपाल यादव को लेकर हाथरस गया था। राजेश ने ब्रजेश के साथ रहे प्रमोद चौधरी और गोपाल यादव को बंधक बनाकर तीन दिन बाद छोड़ा था। मावी की हत्या के मामले में हाथरस निवासी राजेश टोंटा, लारेंस, राज कुमार शर्मा, राजू, गुट्टन, ओम प्रकाश, नईम, संजू, गोपाल शर्मा जेल में थे।
इसी दौरान जेल में बंद आगरा के कुख्यात अक्षय सोलंकी, बिरला मंदिर निवासी दीपक वर्मा, अलीगढ़ निवासी दीपक मीना, विमल और राजेश टोंटा गैंग के बीच १७ जनवरी २०१५ को मथुरा जेल में फायरिंग हो गई। जेल गैंगवार में अक्षय सोलंकी की मौत हो गई और राजेश टोंटा, संजू और राजकुमार शर्मा घायल हो गए थे। उधर, घायल राजेश टोंटा को पुलिस जब इलाज के लिए आगरा ले जा रही थी तो उसकी हत्या कर दी गई।
शनिवार को केस की सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पांडे की अदालत में आरोपी दीपक वर्मा की ओर से अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी, राकेश चौधरी व गोपाल की ओर से अधिवक्ता सुनील कांत सक्सेना ने लिखित बहस दाखिल की। अदालत ने निर्णय की तारीख के लिए एक फरवरी की तिथि तय की है। एडीजीसी सूर्यवीर सिंह ने बताया कि केवल तीन आरोपियों के अधिवक्ताओं ने अंतिम बहस दाखिल की है। कुल १५ आरोपियों में से तीन आरोपी दीपक मीना, लारेंस और दीपक ही जेल में हैं। अन्य जमानत पर हैं।