मथुरा। हापुड़ की घटना के विरोध में डीएम द्वारा ज्ञापन नहीं लेने पर बुधवार को हुई तकरार के बाद शुक्रवार को अधिवक्ता फिर से सड़क पर उतरकर हंगामा करने लगे। नारेबाजी करते हुए कचहरी के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिसकर्मियों ने हटाने का प्रयास किया तो उलझने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई। माहौल बिगड़ने की आशंका में तत्काल अतिरिक्त पुलिस फोर्स को बुलवाया गया।
तब जाकर अधिवक्ता पीछे हटे। इधर, विवाद को शांत करने के लिए डीएम पुलकित खरे और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय खुद बार संघ कार्यालय पहुंचे। इस दौरान सुलह वार्ता हुई और अधिवक्ताओं का ज्ञापन लेकर मामला शांत किया। इसके बाद दि मथुरा बार एसोसिएशन ने कहा कि अब डीएम से कोई नाराजगी नहीं है। हालांकि हापुड़ की घटना के विरोध में प्रदेश स्तरीय अधिकारियों के आह्वान पर सोमवार तक हड़ताल जारी रहेगी।
हापुड़ में वकीलों पर लाठीचार्ज के विरोध में दि मथुरा बार एसोसिएशन के बैनर तले बुधवार को अधिवक्ता ज्ञापन देने पहुंचे थे। इस दौरान डीएम ने अधिवक्ताओं को आधा घंटे तक इंतजार करवाया। काफी समय बीतने के बाद जब उनके स्टाफ से पूछा तो बताया कि डीएम जा चुके हैं। इससे अधिवक्ता आक्रोशित हो गए और तीन घंटे तक भारी हंगामा किया। बृहस्पतिवार को रक्षाबंधन की छुट्टी के बाद शुक्रवार को कचहरी पहुंचे अधिवक्ताओं ने कोई काम नहीं किया। सुबह 11 बजे करीब कचहरी के सामने सड़क पर आकर नारेबाजी करने लगे। दूसरी ओर बार कार्यालय पर बैठक आयोजित की गई।
एहतियात के तौर पर पहले से मौजूद पुलिस की टीम ने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने और नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। इनके उग्र तेवर देखकर पुलिसकर्मी एक बार पीछे हट गए, लेकिन तत्काल वायरलैस कर अतिरिक्त फोर्स को बुलवा लिया। यह देख अधिवक्ता शांत हो गए। उधर, दोपहर करीब एक बजे डीएम और एसएसपी बार कार्यालय पर पहुंचे। बार पदाधिकारियों व अन्य अधिवक्ताओं से उन्होंने बातचीत कर नाराजगी खत्म करने को कहा। इसके बाद अधिवक्ताओं से ज्ञापन लिया। इस पर मामला सुलट गया।
डीएम पुलकित खरे ने भी बताया कि अधिवक्ताओं से सुलह वार्ता हो गई है। अब उनकी ओर से कोई नाराजगी नहीं है। दि मथुरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने बताया कि स्थानीय स्तर पर हुई तकरार के बाद अब कोई नाराजगी नहीं है, लेकिन हापुड़ की घटना के संबंध में प्रदेशीय आह्वान पर सोमवार तक हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान अधिवक्ता भगवान सिंह वर्मा, पूजा वर्मा, भानु प्रताप सिंह, सुनील चतुर्वेदी, मदन गोपाल सिंह, त्रिलोकी चंद्र शर्मा, सतेंद्र परिहार, राघवेंद्र सिंह, राजेंद्र माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।