जिस पेड़े ने मथुरा का नाम देश-विदेश में मशहूर कर दिया, कुछ कारोबारी उसमें मिलावट कर रहे हैं। शनिवार को खाद्य विभाग के अफसरों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान के निकट मिठाई की दुकानों पर पेड़े को परखा। यहां कुछ नमूनों में आयोडीन घोल डालते ही पेड़ा पूरा काला पड़ गया। मायने ये कि इसमें स्टॉर्च की अधिक मात्रा थी। अफसरों ने पांच अलग-अलग दुकानों से पेड़े के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी के नेतृत्व में अफसरों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान के निकट श्रीब्रजवासी पेड़े, ब्रजवासी पेड़े, श्रीकृष्ण मिष्ठान भंडार, जगदीश मिष्ठान भंडार, ब्रजवासी पेड़े वालों के यहां से पेड़े के नमूने लिए। राठी ने बताया कि पेड़े पर आयोडीन घोल डालने के साथ ही रंग काला पड़ गया। जो प्रथम दृष्टया पेड़े में स्टॉर्च की पुष्टि करता है।
इस मौके पर अफसरों ने 30 किलो खराब पेड़ा नष्ट भी करवाया। सभी नमूनों जांच के लिए भेजा गया है। खाद्य विभाग की छापामारी देख आसपास के दुकानदार शटर गिराकर निकल गए। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह, नीरद पांडेय, अरविंद कुमार, शोभनाथ, नंदकिशोर, शैलेंद्र रावत शामिल रहे।
मिला देते हैं बची मिठाइयों का चूरा
मथुरा। कारोबारी सूत्र बताते हैं कि पेड़े में बड़े पैमाने पर बची मिठाइयों का चूरा मिलाया जा रहा है। ये चूरा ही स्टॉर्च के रूप में प्रदर्शित होता है। मुनाफे के लालच में अब मथुरा के पेड़े का नाम पूरे देश में बदनाम हो रहा है।