मथुरा। बुजुर्गों के घुटनों में चिकनाई कम होने से उनकी हड्डियों में गैप कम हो रहा है। इससे उन्हें दर्द तो हो ही रहा है। चलने-फिरने और उठने-बैठने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में ही ऐसे करीब 25 से 30 मरीज प्रतिदिन उपचार के लिए आ रहे हैं।
बढ़ती उम्र, मिलावटी खानपान और शारीरिक व्यायाम में कमी आने के कारण बुजुर्गों के घुटनों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल में वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज अग्रवाल बताते हैं कि बुजुर्गों के घुटनों में चिकनाई कम होने के कारण उनकी हड्डियों में गैप कम होने लगता है। इससे हड्डियों में आपस में रगड़न होने के कारण उनमें दर्द होता है, इसलिए बुजुर्गों को उठने-बैठने, पालथी लगाकर बैठने, चलने फिरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
डॉ. नीरज अग्रवाल कहते हैं कि उनके पास प्रतिदिन कम से कम 25 से 30 मरीज प्रतिदिन इस तरह की समस्या को लेकर आते हैं। यह समस्या मिलावटी खानपान से पोषक तत्वों की पूर्ति न हो पाने से और उम्र बढ़ने के कारण ही होती है।
ऐसे रखें अपनी हड्डियों का ख्याल
डॉ. नीरज अग्रवाल कहते हैं कि बुजुर्गों को अपनी डाइट में कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी पूरी करने वाले पोषक आहार लेने चाहिए। जैसे टोफू, सोया मिल्क, हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम और फलियां आदि। सप्ताह में दो से तीन बार सुबह की पहली धूप में 10 से 15 मिनट तक बैठना चाहिए। रोजाना 30 मिनट तक हल्का व्यायाम जैसे योग, टहलना आदि करना चाहिए। हड्डियों की जांच भी समय-समय पर करानी चाहिए।