मथुरा। यमुनापार के गांवों और कॉलोनियों में बाढ़ से जूझ रहे लोगों के लिए प्रशासन ने सुभाष इंटर कॉलेज में राहत शिविर बनाया है। शिविर में विभिन्न इलाकों के 35 से अधिक परिवार शरण लिए हुए हैं। यहां प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन और दवाओं आदि की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन जलमग्न इलाकों के लोग दुश्वारियों से जूझ रहे हैं। घरों और दुुकानों में भी नुकसान हुआ है।
दूसरी ओर, विधायक श्रीकांत शर्मा ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करके समस्याएं जानीं। यमुनापार में मुख्य रूप से दाऊजी अड्डा, हंसगंज, नगला चिरंजी, बिशनगंज, तिवारीपुरम, ईसापुर सहित कई कॉलोनियों में जलभराव हो चुका है। इन इलाकों के 35 से ज्यादा परिवारों के 275 के करीब लोग राहत शिविर में रह रहे हैं। नगला चिरंजी के अमित सिंह ने बताया कि शनिवार को गांव में चारों ओर पानी भरने के बाद वह गांव छोड़कर यहां आ गए हैं। इसी तरह हंसगंज के जितेंद्र कुमार का कहना था कि शिविर में सुविधाएं मिल रही हैं।
एसडीएम महावन ऊषा सिंह ने बताया कि शिविर में पौने तीन सौ लोग रुके हुए हैं। इन्हें खाने की व्यवस्था, स्वास्थ्य परीक्षण के लिए चिकित्सकों की टीम भी लगी हुई है। किसानों के पशुओं के लिए भी चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुओं को दवाएं भी दी जा रही हैं। दूसरी ओर, विधायक ने ट्रैक्टर पर दाऊजी अड्डा, तिवारीपुरम सहित जमुनापार के प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
काम, धंधा चौपट, केवल खाना मिल रहा
मथुरा। जमुनापार के तिवारीपुरम, डेंगरा, दाऊजी अड्डा के संजीव, मदन और लल्ला बाबू का कहना है कि उनकी दुकानें बंद पड़ी हैं। कई दुकानों में पानी भरने से नुकसान हो चुका है। काम धंधा पांच दिन से चौपट हो चुका है। प्रशासन की ओर से केवल राहत शिविर में सुविधाएं दी जा रही हैं।
नाव वाले भी घरों से सामान निकालने के लिए पैसे की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासनिक अधिकारी हर संभव मदद का आश्वासन दे रहे हैं। खेती के नुकसान का सर्वे हो जाएगा, लेकिन जो नुकसान घरों में हुआ है, उसकी भरपाई कैसे होगी? कई घरों में पानी भरने से दरारें तक पड़ चुकी हैं। दाऊजी के अड्डा के संजीव का कहना है कि बेसमेंट में पानी भरने के कारण घर की दीवारों में दरारें आ चुुकी हैं। इसी तरह कई अन्य घरों में भी नुकसान हुआ है। प्रशासन को बाहरी इलाकों से पंप से पानी निकालना चाहिए। संवाद