भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने सौंख उपद्रव के लिए सीधे तौर पर मथुरा जिला प्रशासन और पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि सौंख में उपद्रव, धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ और आगजनी स्थानीय लोगों ने नहीं, बल्कि यह सब पुलिस और जिला प्रशासन ने किया। पुलिस ने धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ की और निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
वे शुक्रवार को सुखधाम आश्रम में एक धार्मिक कार्यक्रम में आए हुए थे। इस मौके पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सौंख में दूसरे समुदाय के युवक के द्वारा युवती को भगाकर ले जाने के बाद पुलिस ने कुछ नहीं किया। आरोपी को कोसी में पकड़ भी लिया, लेकिन समुदाय विशेष के लोगों ने पुलिस पर हमला कर दोनों को छुड़ा लिया।
यह पुलिस की नाकामी नहीं तो क्या है? उन्होंने लव जिहाद मुद्दे से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह मीडिया की देन है। कहा कि पार्टी का लव जिहाद न कभी मुद्दा था और न है। प्रदेश में विद्युत कटौती पर उन्होंने कहा कि यह सपा सरकार के तीन साल का रिपोर्ट कार्ड है। विकास की बात करने वाली प्रदेश सरकार तीन वर्ष में बिजली व्यवस्था को पटरी पर ही नहीं ला पाई।
केंद्र सरकार के एक वर्ष कार्यकाल में उन्होंने जनधन योजना, दुर्घटना बीमा योजना, अटल पेंशन योजना के साथ मुद्रा बैंक योजना का बखान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश में महंगाई कम हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ओलावृष्टि और बरसात से बर्बाद हुए किसानों की मदद के लिए कई योजनाएं भी चलाईं हैं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष डीपी गोयल, एसके शर्मा, अजय पोईया, नगर अध्यक्ष कृष्ण मुरारी मोतीवाला, छैल बिहारी शर्मा आदि उपस्थित रहे।