नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में डीएम की पेशी से एक दिन पहले गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में बुलडोजर ने 12 से ज्यादा भवनों को ढहा दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी मौजूद रही। इस कार्रवाई से परिक्रमा मार्ग के गांवों में खलबली मच गई है।
एमसी मेहता की याचिका पर एनजीटी ने परिक्रमा मार्ग में अवैध निर्माण को हटाने के आदेश दिए हैं। इस आदेश ने यहां छह गांव के लोगों को चिंता में डाल दिया है। मंगलवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान डीएम नितिन बंसल एनजीटी के समक्ष पेश होंगे।
इससे पहले सोमवार को मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव विजय कुमार ने पुलिस और पीएसी के साथ गांव नगला सांखी, सकीतरा मौजा और आन्यौर में अवैध निर्माण ढहाए। इस कार्य को अंजाम देने के लिए दो जेसीबी जुटी रहीं। सोमवार को सुबह ही राजस्व विभाग की टीम ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पहुंचकर अतिक्रमण का चिन्हांकन करना शुरू कर दिया था।
सबसे पहले प्रशासनिक अमला ने राधाकुंड परिक्रमा मार्ग में नगला सांखी में सड़क किनारे बड़े निर्माण को धराशायी किया। इसके बाद गोवर्धन के नजदीक सकीतरा मौजा में हरगोकुल मंदिर के नजदीक गिरिराज पर्वत किनारे 12 से ज्यादा छोटे-छोटे रिहायशी आवास धराशायी किए गए।
यहां हनुमान मंदिर को छोड़ आसपास निर्माण गिरा दिया गया। इसके बाद पुलिस और पीएसी के साथ अफसरों का काफिला आन्यौर पहुंचा। यहां तोड़फोड़ की शुरुआत गोविंद कुंड के नजदीक से की गई। तनाव के बीच यहां गिरिराज पर्वत किनारे श्रीनाथजी प्राकट्य स्थल की चारदीवारी को धराशायी कर दिया गया। यहां कई मकानों को ही धराशायी कर दिया गया। शाम होने के चलते कार्रवाई रोक दी गई।
विकास प्राधिकरण के सचिव विजय कुमार ने बताया कि एनजीटी के आदेश अनुपालन में गिरिराज पर्वत किनारे और वन भूमि पर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा रहा है। इस दौरान एसडीएम गोवर्धन एमपी सिंह, सीओ अवनीश कुमार, वन रेंजर डीपी सिंह, तहसीलदार सुरेंद्र बहादुर सहित कई थाना क्षेत्रों का पुलिस बल भी मौजूद रहा।