एसपी सिटी को कब्जाधारियों के बीच छोड़कर भागने वाले पुलिस अधिकारी और हमराह पर कार्रवाई तय तानी जा रही है। पुलिस अब वह वीडियो चेक कर रही है जिसमें बाउंड्रीवाल तोड़ने से लेकर बाग में दाखिल होने तक की पूरी रिकार्डिंग है। इससे एसपी सिटी के साथ कार्रवाई को गए लोगों के चेहरे सामने आ जाएंगे। जांच अधिकारी भी पूरी वीडियो चेक कर चुके हैं।
बता दें कि दो जून को शाम चार बजे वायरलेस सेट के जरिए अचानक सभी थानाध्यक्ष व सीओ को जवाहर बाग पहुंचने का आदेश मिला था। जवाहर बाग में कार्रवाई के लिए दो टुकड़ी बनाई गई। इसमें एक टुकड़ी का नेतृत्व एसपी देहात और दूसरी का नेतृत्व एसपी सिटी कर रहे थे।
इसमें बाईं ओर से एसपी देहात को कार्रवाई का नेतृत्व करना था। एसपी सिटी के साथ दो सीओ, तीन थानाध्यक्ष और आठ हमराह चल रहे थे। पीएसी और आरआरएफ के जवान धीरे धीरे आ रहे थे। जेसीबी से बाउंड्रीवाल तोड़ना शुरू हुआ तो वीडियोग्र्राफी में आगे एसपी सिटी, दो सीओ और तीन थानाध्यक्ष जवाहर बाग में बढ़ते दिख रहे हैं।
इसके बाद जवाहर बाग के हमलावरों का हो हल्ला करते हुए आगे की ओर दौड़ना दिख रहा है। इसके बाद जो हुआ वह भयानक है। हमले में एसपी सिटी शहीद हो गए। यह पूरी रिकार्डिंग पुलिस अधिकारियों के पास है।
हमराह के भाग जाने का जीडी में नहीं तस्करा
जवाहर बाग प्रकरण में एसपी सिटी को मौके पर घिरा छोड़ भागे हमराह का थाने की जीडी में तस्करा नहीं डाला गया है। घटना को लेकर दर्ज कराई रिपोर्ट में सात नामजद सहित 3000 लोग शामिल हैं। बता दें कि कब्जाधारियों ने जब एसपी सिटी पर हमला बोला तब उनके आठ हमराह भाग खड़े हुए थे।
तीन जून को एसओ सदर ने सदर थाने में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी व एसओ फरह पर हमला करने और गोली मारकर हत्या करने के मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं दूसरी ओर एसपी सिटी को अकेला छोड़कर भाग जाने के मामले में सदर थाने की जीडी में तस्करा नहीं डाला गया है। हमराह के भाग जाने और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उनके हिसाब से कार्रवाई की जाने की बात कही जा रही है।