महंगाई ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
दाल की बढ़ी कीमतें देखकर जनता परेशान तो सरकार भी बेचैन है। बाजार में कीमतें नियंत्रित करने के लिए सरकार की ओर से अफसरों को सख्त हिदायत दी गई है। इसमें साफ कहा गया है कि दाल व्यापारी, उत्पादकों से वार्ता करें और फिर भी बात न बने तो छापामार कार्रवाई की जाए। इसके लिए चार विभागों की टीम भी गठित करने को कहा है।
बता दें कि बीते तीन माह में ही दाल की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं। दिलचस्प बात ये है कि कई दालें तो इसी अवधि में बाजार में पहुंची हैं। ऐसे में बढ़ी कीमतों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
जिला पूर्ति अधिकारी केपी मिश्र ने बताया कि दाल की बढ़ी कीमतों को लेकर शासन से पत्र आया है। इसमें बताया गया है कि सरकार ने दाल के फुटकर विक्रेताओं के लिए 50 क्विंटल और थोक विक्रेताओं के लिए 1500 क्विंटल की अधिकतम सीमा निर्धारित है। उत्पादक भी अधिकतम तीस दिन के उत्पादन के लिए ही स्टाक कर सकते हैं। इस आदेश का सख्ती से पालन कि या जाना है।
इसके साथ ही मूल्यों के नियंत्रण के लिए व्यापारियों से वार्ता करने को कहा गया है। इस बारे में सभी दाल कारोबारियों को अवगत कराया जा रहा है। बाजार में दालों के मूल्य नियंत्रण की निगरानी और छापामारी के लिए वाणिज्य कर, मंडी समिति, खाद्य विभाग और पूर्ति विभाग की संयक्त टीम गठित की जा रही है।
तीन माह में आसमान पर दालों की कीमतें
दाल तीन माह पहले अब
चना 50 80
चना की दाल 65 90
अरहर की दाल 140 160
उड़द की दाल 125 170