मथुरा। खरीफ सीजन में उर्वरक की कालाबाजारी और बिक्री में अनियमितता पर कृषि विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। अनियमितता मिलने पर जिले के पांच थोक उर्वरक विक्रेताओं पर खाद की बिक्री करने पर रोक लगा दी गई है। वहीं नौहझील क्षेत्र के एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
उप कृषि निदेशक आवेश कुमार ने बताया कि जिले में वर्तमान में 21,175 मीट्रिक टन यूरिया, 8,405 मीट्रिक टन डीएपी और 2,783 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। किसानों को सहकारी समितियों के अलावा निजी उर्वरक केंद्रों से भी खाद उपलब्ध कराई जा रही है। उर्वरक की बिक्री में अनियमितता के मामले में श्रीराम फर्टिलाइजर्स बलदेव, एसओआरओ फर्टि कंपनी मथुरा, एसएलएम अग्रवाल फर्टि कंपनी मथुरा, मां गंगा कृषि सेवा केंद्र मथुरा और घूरेलाल मथुरा चंद वाणिज्य मथुरा की बिक्री पर रोक लगाई गई है। वहीं नौहझील के हसनपुर स्थित सहन खाद बीज भंडार का लाइसेंस निलंबित किया गया है।
खाद लेते समय पर्ची जरूर लें
विभाग ने किसानों से खाद खरीदते समय पीओएस मशीन की पर्ची लेने और दर्ज मात्रा जांचने को कहा है। एक हेक्टेयर में फसल के लिए अधिकतम सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी इस्तेमाल करने को कहा गया है। बिना आधार कार्ड, खतौनी व पीओएस पर अंगूठा लगाए खाद बेचने या निर्धारित मात्रा से अधिक खाद देने की शिकायत 8273893015 पर की जा सकती है।