मथुरा। चलती ट्रेन में बोगी के गेट पर बैठने के लिए हुए विवाद में सहयोत्री को धक्का देकर नीचे फेंकने और उसकी मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी गजेंद्र को जीआरपी ने शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पेशी के दौरान आरोपी के चेहरे पर घटना को लेकर कोई पछतावा नहीं दिखा। उधर, जेल भेजे जाने से पहले कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए भी आरोपी ने हंगामा कर दिया।
शुक्रवार को हाथरस के नगला रानी निवासी जतिन (22) अपने छोटे भाई अनुज और अन्य परिजन के साथ हाथरस सिटी से मथुरा आने के लिए कासगंज-मथुरा पैसेंजर ट्रेन में सवार हुए थे। ट्रेन चलने के बाद जतिन बोगी के गेट के पास खाली स्थान पर बैठ गए। इसी दौरान अलीगढ़ के थाना बरला क्षेत्र के गांव बभीगढ़ निवासी सहयात्री गजेंद्र ने उसी स्थान पर बैठने के लिए जतिन को हटाने की कोशिश की। इसी बात पर दोनों में विवाद हो गया।
आरोप है कि कहासुनी के दौरान गजेंद्र ने गेट के पास बैठे जतिन को लात मार दी। लात लगने से जतिन चलती ट्रेन से नीचे जा गिरे। हादसे में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने घटना की सूचना जीआरपी को दी। सूचना मिलते ही जीआरपी ने आरोपी गजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
शनिवार को जीआरपी आरोपी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष लेकर पहुंची। पेशी के दौरान आरोपी के हाव-भाव को लेकर भी चर्चा रही। घटना में एक युवक की जान जाने के बावजूद उसके चेहरे पर किसी तरह की घबराहट या पछतावा दिखाई नहीं देने की बात सामने आई। न्यायालय ने सुनवाई के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।
जेल भेजे जाने से पहले कागजों पर हस्ताक्षर के लिए भी आरोपी ने बखेड़ा खड़ा कर दिया। उसने पहले कागजों पर हस्ताक्षर किए और बाद में उन्हें मिटा दिया। हंगामा किया। अधिवक्ताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद पुलिस आरोपी को जेल लेकर चली गई।