मथुरा। शहर की एक पॉश कॉलोनी में डिप्थीरिया का संदिग्ध मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में अफरातफरी मची हुई है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों की टीम पीड़ित युवक का उपचार कर रही है लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो रहा है। डब्ल्यूएचओ की टीम ने भी मरीज के परिजन से जानकारी जुटाई है।
आगरा-दिल्ली हाईवे स्थित राधा वैली कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय युवक नोएडा की प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। 15 दिन पहले वह अपने घर पर आए। यहां उनके गले में खराश के साथ दर्द शुरु हुआ। परिजन उन्हें निजी चिकित्सक के पास ले गए। यहां चिकित्सक ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन युवक को आराम नहीं मिला। चिकित्सक ने इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी। इसके बाद विभाग की टीम कॉलोनी स्थित युवक के घर पहुंची। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवक का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
युवक का इलाज करने वाले जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमन कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मरीज में डिप्थीरिया की पुष्टि होगी। लक्षणों के आधार पर उसका उपचार किया जा रहा है। बताया कि युवक को दो बार एंटी डिप्थीरिया सीरम दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि यह बीमारी अधिकांश: बच्चों को होती है। युवक इस बीमारी का शिकार कैसे हुआ इसकी जांच की जा रही है।
युवक के परिजन ने बताया कि चिकित्सक लगातार उपचार कर रहे हैं लेकिन गले में दर्द और खराश से राहत नहीं मिली है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिजन को पीड़ित युवक से दूर रहने की सलाह भी दी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रोहताश तेवतिया ने बताया कि युवक में अभी तक डिप्थीरिया की पुष्टि नहीं हुई है। बावजूद इसके सावधानी बरतने के साथ लक्षणों के आधार पर उपचार किया जा रहा है।
क्या है डिप्थीरिया
डिप्थीरिया कोरीनो बैक्टीरियम नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाला गंभीर, संक्रामक और जानलेवा श्वसन संक्रमण है। यह मुख्य रूप से गले, नाक और टॉन्सिल को प्रभावित करता है। इससे गले में एक मोटी, धूसर झिल्ली बन जाती है। जो सांस लेने में बाधा डालती है। यह खांसने या छींकने से फैलता है और इसके लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है।
मरीज-परिजन क्या करें
व्यक्तिगत स्वच्छता (हाथ धोना, मास्क पहनना) और संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखना। मरीज को अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोना चाहिए। खासकर खांसने या छींकने के बाद। यदि हाथ गंदे न दिखें तो अल्कोहल-आधारित सेनिटाइजर का उपयोग करें। संक्रमित व्यक्ति के साथ निकट संपर्क से बचें। संक्रमित व्यक्ति के उपयोग की गई वस्तुओं (जैसे बर्तन, तौलिया) को साझा न करें।
डिप्थीरिया के लक्षण
गले में खराश, हल्का बुखार, गर्दन की ग्रंथियों में सूजन और गले या टॉन्सिल पर घनी भूरी/सफेद झिल्ली बनना शामिल है, जो सांस लेने में बाधा पैदा करती है। यह संक्रमण 2-5 दिनों में विकसित होता है और गंभीर मामलों में निगलने में कठिनाई, आवाज में भारीपन और घुटन पैदा कर सकता है।