छाता में ब्रज चौरासी कोस के संत सम्मेलन में मौजूद लोग।
छाता। श्रीकृष्ण व राधारानी के जन्मोत्सव के बाद ब्रज में उनकी लीलाओं का अनुसरण कर मनोरथ किए जा रहे हैं। मंगलवार को गांव उमराया स्थित राधा मोहनजी मंदिर पर आयोजित राधारानी के राज्याभिषेक के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव का समापन ब्रज चौरासी कोस के संत-विद्वत सम्मेलन के साथ हुआ।
राधारानी के राज्याभिषेक में भक्ति की धारा प्रवाहित हुई। राधारानी का राज्याभिषेक दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल पंचामृत से किया। नगर संकीर्तन परिक्रमा व महाप्रसाद में हजारों भक्तों ने भाग लिया। संत सम्मेलन में केशवदास बाबाजी, प्राणकृष्णदास महाराज व श्रीविनोद बिहारी दास महाराज शामिल हुए।
पीठाधीश्वर महंत केशव दास महाराज ने बताया कि उमराया में द्वापर युग में राधारानी का राज्यभिषेक हुआ था। यहां स्वयं भगवान श्रीकृष्ण कोतवाल बने हैं। प्राणकृष्ण दास बाबा महाराज ने बताया कि ब्रज क्षेत्र में पग-पग पर श्रीकृष्ण व राधाजी की लीला हैं। भजन गायिका पूनम ने मैं तो बधाई लेके आउगी आदि भजन के माध्यम से भक्तों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर रसिक संत चित्र विचित्र बिहारी, उदयसिंह, राधे लाल मास्टर, उदयपाल चौधरी, हीरा लम्बरदार, रक्षपाल पहलवान, घनश्याम आदि मौजूद रहे।