जिलाधिकारी से निराश फरियादी ने सोमवार को कलक्ट्रेट में आत्मदाह की कोशिश की। 90 फीसदी झुलसी हालत में उसे आगरा के एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना उस समय हुई जब जिलाधिकारी फरियादियों से मिलते हैं लेकिन वह अपने दफ्तर में नहीं थे।
खुद को आगरा के सपा नेता की ठगी का शिकार बताने वाले अजय कुमार गुप्तासोमवार को डीएम आफिस पहुंचे। डीएम राजेश कुमार के बारे में पूछा तो पता चला कि वे नहीं आए हैं। मूल रूप से मेन बाजार, शाहजहांपुर रोड, बरेली के रहने वाले अजय मथुरा में आजमपुर सराय में किराए के कमरे में रहते थे। देखने वालों ने बताया कि दोपहर करीब 12:30 बजे वाहन पार्किंग में वृक्षों की ओट में खडे़ होकर अजय ने पहले शरीर पर मिट्टी का तेल डाला। फिर डीएम कक्ष की ओर बढ़ते हुए आग लगा ली।
इसके बाद चीखते अजय डीएम कक्ष से एडीएम प्रशासन और एडीएम वित्त के आफिस की ओर दौड़ते रहे। जलते व्यक्ति की चीख सुन कलक्ट्रेट में मौजूद लोग सन्न रह गए। जब वह एडीएम वित्त कोर्ट के समक्ष गिर पड़े तो वहां मौजूद कर्मचारी और वादकारियों ने आग बुझाई। दोनों एडीएम भी कक्ष से बाहर आ गए। झुलसी हालत में अजय को उपचार के लिए रिफाइनरी के स्वर्ण जयंती हास्पिटल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर वहां के डाक्टरों ने आगरा रेफर कर दिया।
अस्पताल ले जाते वक्त अजय ने बताया कि आगरा के सपा नेता राजेश चौहान जो सुभाषनगर चौराहा, कमला नगर में टूर एंड ट्रेवल एजेंसी चलाते हैं, ने बरेली बिछरईया थाना बल्लिया निवासी तेज सिंह चौहान के साथ मिलकर उनके 14 लाख रुपये हड़प लिए हैं। यह राशि वे बरेली में अपना मकान बेचकर लाए थे।
उनका आरोप है कि दोनों लोगों ने उन्हें कई माह तक बंधक बनाए रखा। वे पिटाई भी करते थे। अजय ने मथुरा के डीएम सहित अनेक अफसरों को कार्रवाई के लिए कई बार लिखा लेकिन किसी ने मदद नहीं की। इस पर उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। बता दें, जिलाधिकारी राजेश कुमार के कार्यकाल में कलक्ट्रेट में आत्मदाह के प्रयास का यह दूसरा मामला है।