अजय खंडेलवाल
मथुरा। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत भर्ती में खेल का खुलासा हुआ है। आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना में चिकित्सकों की भर्ती स्वीकृत पद से अधिक कर ली गई। इतना ही नहीं उक्त चिकित्सक को लंबे समय से तनख्वाह भी दी जा रही है। मामला पकड़ में आया तो आनन-फानन में जांच कमेटी गठित कर दी गई है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन केे तहत संचालित आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना में प्रत्येक ब्लॉक स्थित सीएचसी, पीएचसी पर चिकित्सकों की टीम के लिए एक वर्ष पहले भर्ती हुई थी। इस टीम मेें एक पुरुष, एक महिला आयुष चिकित्सक, एक एमबीबीएस चिकित्सक, दो नेत्र परीक्षक, दो स्टॉफ नर्स को रखना था। बलदेव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो नेत्र परीक्षकों के स्थान पर तीन की भर्ती हो गई। इतना ही नहीं एक अतिरिक्त चिकित्सक की बीते एक साल से तनख्वाह भी निकाली जा रही है। बीते दिनों जिला कम्यूनिटी मोबलाइजर (डीसीएम) पारुल और उनकी टीम के निरीक्षण में इस बात का खुलासा हुआ तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एसीएमओ स्तर की कमेटी गठित कर जांच बैठा दी है।
----------------------------
निरीक्षण में हमें बलदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वीकृत दो पदों के मुकाबले तीन नेत्र परीक्षक की नियुक्ति की जानकारी मिली है। मामले में हमने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर जांच की संस्तुति की है।
- पारुल, डीसीएम, एनआरएचएम मथुरा।
हमेें इस बाबत पत्र मिला है इसी केे साथ मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही हकीकत का पता चल सकेगा।
- डा. बीएस यादव
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मथुरा।
मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। हमारे यहां कितने नेत्र परीक्षक हैं ये देखकर ही बताया जा सकता है।
- डा.बिजेंद्र सिंह सिसौदिया
प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बलदेव, मथुरा।