गोवर्धन। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी से गिरिराज जी की तलहटी में श्रद्धा का सैलाब उमड़ने लगा है। मंदिरों में धार्मिक आयोजनों का दौर शुरू हो गया है। गिरिराज जी के प्रमुख मंदिर फूल बंगला व छप्पन भोग से सज रहे हैं।
कार्तिक मास नियम सेवा के चलते गिरिराज जी की तलहटी में बीस दिन से हजारों देशी और विदेशी श्रद्धालु डेरा डाले हुए हैं। नियम सेवा में श्रद्धालु भोर होते ही पतित पावनी मानसी गंगा, राधाकुंड, श्रीराधा-श्याम कुंड, आन्यौर के गोविंद कुंड, ललिता कुंड, नारद कुंड आदि में स्नान कर रहे हैं। कार्तिक पूर्णिमा से पूर्व देवउत्थान एकादशी से श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो गया है। राजस्थान से पदयात्री बैंडबाजे के बीच परिक्रमा लगाकर मनौती मांग रहे हैं। गुजरात व महाराष्ट्र से आए ब्रजयात्री गांठौली के प्राचीन गुलाल कुंड पर होली उत्सव मना रहे हैं। ठा. श्रीराधा रमण मंदिर में सेवाधिकारी दिलीप पंडित के निर्देशन में अन्नकूट महोत्सव मनाया गया।
‘सौंदर्यीकरण में पुरातन शैली का रखें ध्यान’
गोवर्धन। तेहरवें वित्त आयोग के तहत परिक्रमा मार्ग के प्राचीन कुसुम सरोवर पर करीब दस करोड़ की लागत से चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का पुरातत्व विभाग की विशेष टीम ने निरीक्षण किया और दिशा-निर्देश दिए। टीम ने निर्माण कार्य में पुरातन शैली को ध्यान में रखकर कार्य करने को कहा।
गौरतलब है कि प्राचीन कुसुम सरोवर एवं भरतपुर के महाराजा सूरजमल की छतरियों से जुड़ी इमारत में इन दिनों जीर्णोद्धार कार्य कराया जा रहा है। इसमें आवास विकास परिषद आगरा की कार्यदाई संस्था द्वारा प्रथम किश्त की दो करोड़ रुपये की राशि से कार्य कराए जा रहे हैं। पुरातत्व विभाग द्वारा ऐतिहासिक इमारत की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में विभाग की पांच सदस्यीय टीम बनाई गई। पुरातत्व विभाग के उत्खनन एवं सर्वेक्षण अधिकारी राम विनय, संरक्षण सहायक प्रदीप कुमार आदि के निर्देशन में इमारत के कई हिस्सों का निरीक्षण किया गया। इस मौके पर सहायक अधीक्षण अभियंता पुरातत्व विभाग एमसी शर्मा, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी एसके दुबे, लोक निर्माण विभाग से एमके सिंह, रूपेश झा, हरिओम शर्मा आदि थे।