मथुरा। कान्हा की नगरी में करवाचौथ पर घर-घर खुशियां छाई रहीं। अखंड सुहाग की कामना के साथ महिलाओं ने निर्जल व्रत रखा। रात में चंद्रदेव के दर्शन होते ही शहर में पटाखों की गूंज होने लगीं। चांद निकल आया का शोर गलियों से सुनाई पड़ने लगा। चारो ओर उल्लास छा गया। सज-धज कर व्रती महिलाएं हाथों में पूजा की थाली लेकर चांद को निहारने घरों की छतों पर पहुंच गईं। सजनी ने एकटक चांद को निहारा तो सजना अपनी चांदनी (पत्नी) को निहारते रहे। पूजा के साथ ही महिलाओं ने कथा सुनीं और फिर चंद्रदेव को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण किया।
पहली बार देखा चांद संग पिया....
मथुरा। यह एकदम दिल को छू लेने वाला अनुभव था। पहली बार चांद और पिया को साथ देखने की खुशी बेशुमार थी। जीवन का पहला करवा चौथ मनाने वालों ने इस अब तक की जिंदगी का सबसे बेहतरीन अनुभव बताया। ‘अमर उजाला’ ने उनकी खुशियां साझा की।
शाम के साढ़े आठ बजने को हैं और निशु अग्रवाल जमुनाधाम स्थित अपने घर की छत पर पहुंच गई हैं। उनकी खुशी छुपाए नहीं छुप रही। बेहद खुश निशु अग्रवाल ने कहा आज हमने चांद और पिया को साथ साथ देख लिया है। पूजा-अर्चना करके हमने अखंड सुहाग मांगा।
शाम 8:40 पर निशा बंसल कलाकुंज में अपने घर की छत पर चंद्र को अर्घ्य दे रही हैं। अर्घ्य देकर उन्होंने कहा कि यह अद्भुत अनुभव है। खुशियां बयां नहीं की जा सकतीं। 17 जनवरी को शादी हुई और पहली बार व्रत रखा। निशा कहती हैं कि कहानी सुन ली है और अर्घ्य भी दे दिया है। सारा दिन खूब एंज्वॉय किया।
मसानी की कमला विहार कालोनी में पूजा अग्रवाल रात के 8:50 पर चंद्रदेव को अर्घ्य दे चुकी हैं। वह कहती हैं कि पहली करवा चौथ सदा याद रहेगी। बेहद खुश पूजा अग्रवाल कहती हैं कि उन्हें पति अभिषेक ने रिंग दी है और यह खुशियों का पल अविस्मरणीय रहेगा।