फरह (मथुरा)। मकदूम फार्म के जंगल में तेंदुए की दस्तक ने एक बार फिर फार्म और आसपास के क्षेत्र में दहशत फैला दी है। तेंदुए ने सोमवार को फार्म की एक और बरबरी बकरी को अपना शिकार बनाया। उसको पकड़ने के लिए शिकार बनी बकरी के शरीर के शेष हिस्से को पिंजरे में टांग कर निगरानी की जा रही है।
मकदूम फार्म की शेड संख्या तीन से सोमवार को कर्मचारी नवला बकरियां लेकर चराने के लिए गया था। बकरियों को चराने के बाद जंगल से लाकर करीब चार बजे जब बाड़े में बंद करने के लिए उसने गिनती की तो एक बकरी कम निकली। इस पर नवला और कुछ अन्य कर्मचारी बकरी को तलाशने जंगल गए। जंगल में नवला और उसके साथियों ने झाड़ियों में तेंदुए को बकरी को खाते देख शोर किया। इस पर तेंदुआ दहाड़ता हुआ भाग निकला। कुछ ही देर में आस-पास के ग्रामीण और केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के कर्मचारी भी वहां पहुंच गए। तेंदुए द्वारा बकरी को खाए जाने की खबर से एक बार फिर मकदूम फार्म और आस-पास के क्षेत्रों में दहशत फैल गई। बताते चलें कि कुछ दिन पूर्व ही तेंदुआ फार्म की एक और बरबरी बकरी को शिकार बना चुका था। फिर भी वन विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मकदूम के पीआरओ एचए तिवारी ने तेंदुए द्वारा बकरी के शिकार की पुष्टि की है। पीआरओ ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग के सहयोग से दो पिंजरे बनवाए गए थे। उसको पकड़ने के लिए एक पिंजरे में मरी हुई बकरी को टांग दिया गया है। पिंजरे की निगरानी करने के लिए सुरक्षा गार्डों को तैनात किया गया है।
वन विभाग ने एक साल से नहीं दिया ध्यान
फरह (ब्यूरो)। जंगल में एक साल से तेंदुए के देखे जाने और पशुओं के शिकार के बाद भी वन विभाग ने अभी तक तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यही कारण है कि तेंदुआ आज केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान की एक बकरी को दिनदहाड़े शिकार बना गया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।