ब्रज सर्किट में पर्यटन से जुड़े लघु उद्योगों का विकास जरूरतमंद कारीगरों के विकास का माध्यम बनेगा। विश्वबैंक अपने प्रो-पूअर टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में इसी उद्देश्य से 979 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है। इसमें आगरा पर 538 करोड़ और मथुरा में 441 करोड़ रुपये के खर्च के लिए कार्य क्षेत्र तय कर लिए हैं।
विश्वबैंक मथुरा और आगरा के साथ कुछ और शहरों में पर्यटन के माध्यम से गरीब कारीगरों का जीवन स्तर सुधारने जा रहा है। इसके तहत मथुरा और आगरा में पर्यटन से जुड़े लघु उद्योग, पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विकास प्रो-पूअर टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में होगा। इसके लिए मथुरा और आगरा में कार्य क्षेत्र तय कर लिए गए हैं।
मथुरा के लिए निर्धारित 441 करोड़ रुपये से 12 कार्य होने हैं। इसमें ब्रज की ब्रांडिंग पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। छह करोड़ रुपये सिर्फ ब्रज के प्रत्येक स्थल से देश और विदेश के पर्यटकों को अवगत कराने पर खर्च करने का प्रावधान है। इसके अलावा पर्यटन पुलिस, नागरिक पुलिस और स्थानीय निकाय के कर्मचारियों की ट्रेनिंग, ब्रज में धर्म से जुडे़ विभिन्न व्यवसाय से संबद्ध लोगों का कौशल विकास आदि शामिल है।
वृंदावन को उसके प्राचीन स्वरूप में ही विकसित करना और बांकेबिहारी मंदिर के आसपास क्षेत्र का विकास भी होगा। मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना में विजिटर सेंटर की स्थापना पर 25 करोड़ और मथुरा, वृंदावन के साथ गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव, गोकुल, महावन के डेवलपमेंट पर 100 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया है।
आगरा के लिए 538 करोड़ रुपये से होने वाले के कार्य निर्धारित हैं। इसमें मुगल म्यूजियम पर 300 करोड़ और ताजमहल की ब्रांडिंग पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यहां भी पर्यटन पुलिस को और सुविधा संपन्न व आधुनिक बनाया जाएगा। पर्यटन पुलिस और नगर निगम के साथ पर्यटन से जुडे़ सरकारी कर्मचारियों को पर्यटन की दृष्टि से प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रो-पूअर टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की दिल्ली में आयोजित हुई बैठक में वह कार्य क्षेत्र निर्धारित कर लिए गए, जिन पर अब काम होना है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट विश्वबैंक के निर्देशन में तैयार होगी। संभावना है कि इस साल के अंतिम तीन माह में प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।
नगेंद्र प्रताप
उपाध्यक्ष, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण