वृंदावन। नगर निगम द्वारा विस्तारित क्षेत्र में आसपास के गांव एवं मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की गईं काॅलोनियों का जीआईएस सर्वे कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था द्वारा नगर से सटे सुनरख एवं चैतन्य विहार काॅलोनी का सर्वे का कार्य पूरा हो जाने के बाद संपत्ति कर जमा कराने के लिए नगर निगम ने मांग पत्र जारी करना शुरू कर दिया है। अब सुनरख और चैतन्य विहार के गृह स्वामी संपत्ति कर जमा करेंगे।
नगर निगम का कर वसूली का लक्ष्य जैसे-जैसे साल दर साल बढ़ रहा है, वैसे ही निगम द्वारा विस्तारित क्षेत्र की ओर कर वसूली का दायरा बढ़ाया जा रहा है। नगर आयुक्त जग प्रवेश के निर्देश पर कार्यदायी संस्था द्वारा नगर से सटे सुनरख का जीआईएस सर्वे का कार्य पूरा हो गया है। यहां 9506 घरों को चिह्नित कर उन्हें नगर निगम ने पहली बार मांग पत्र भेजा है। इसके बाद एमवीडीए द्वारा विकसित चैतन्य विहार काॅलोनी का जीआईएस सर्वे का कार्य लगभग पूरा होने को है। काॅलोनी में 25 हजार भवन हैं। इनमें सर्वाधिक फ्लैट बने हैं। चैतन्य विहार के भवन स्वामियों को नवंबर के अंत में मांग पत्र भेजे जाने की शुरुआत की जाएगी।
सीटीओ नरेंद्र यादव ने बताया कि नगर के आसपास के गांव और काॅलोनियों का जीआईएस सर्वेक्षण का कार्य जारी है। जिन गांव और काॅलोनियों का सर्वे कार्य पूरा होगा, उनका निगम की टीम मौके पर जाकर भी सत्यापन करेगी। इसके बाद संपत्ति कर जमा करने के लिए भवन स्वामियों को मांग पत्र जारी किया जाएगा।