फरह। ब्लाक क्षेत्र में स्थित जोधपुर झाल पर एशियाई जलपक्षी गणना-24 के अंतर्गत जलीय पक्षियों की गणना की गई। वेटलैंड्स (आर्द्रभूमि) अंतरराष्ट्रीय के इस गणना कार्यक्रम में बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डवलपमेंट सोसायटी, ब्रज तीर्थ विकास परिषद व वन विभाग का सहयोग रहा। 2 समूह में शामिल 8 विशेषज्ञों ने 2 घंटे में लगभग 80 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 929 जलीय पक्षियों की गणना की गई।
वेटलैंड्स इंटरनेशनल के टीके राॅय, बीआरडीएस के अध्यक्ष डाॅ. केपी सिंह के निर्देशन में हुई गणना में अब्दुल कलाम, सुनीता, डाॅ. लक्ष्मी सिंह, शिवेंद्र प्रताप शामिल रहे। टीके राॅय के अनुसार कोहरे के कारण पक्षियों की गणना निर्धारित समय से देरी से शुरू हुई। वहीं कम संख्या में गणना हो सकी। गणना के दौरान पक्षियों की पहचान के लिए दूरबीन, टेलीस्कोप और उच्च क्षमता से लैस कैमरों का उपयोग किया गया। गणना के दौरान जलीय पक्षियों की 45 में से 26 प्रवासी व 19 स्थानीय प्रजातियां यहां पाई गईं।
इनमें सबसे अधिक संख्या बार-हेडेड गूज व काॅमन टील की मिली। गणना में बार हेडेड गूज 595, काॅमन टील 137 के अलावा वेगटेल, रफ, गेडवाल, यूरेशियन विजन, नोर्दन शोवलर, पाइड एवोसेट, नोर्दन पिनटेल, पेंटेड स्टार्क, रूडी शेल्डक व ब्लैक टेल्ड गोडविट भी रिकार्ड किए गए। पक्षी वैज्ञानिक डाॅ. केपी सिंह ने बताया जोधपुर झाल प्रवासी पक्षियों के लिए आदर्श वेटलैंड है। यहां सालभर विभिन्न श्रेणी के प्रवासी पक्षी पाए जाते हैं।