अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ द्वारा खोजे गए दो तारों का नामकरण श्रीराम शर्मा आचार्य और भगवती देवी के नाम से कराने के लिए मुहिम और तेज हो गई है। विश्व के 87 देशों में निवास कर रहे अखिल विश्व गायत्री परिवार के 1.5 करोड़ परिवारों के सदस्य इस अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं।
वोटिंग की अंतिम तारीख (31 अक्तूबर) नजदीक आते ही गायत्री परिवार ने भी प्रचार के लिए पूरी ताकत लगा दी है। परिवार की ओर से इस अभियान को वोट फॉर इंडिया नाम देकर सभी से वोटिंग अपील की जा रही है।
बता दें कि अमेरिकी एजेंसी नासा (नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) ने खोजे गए तारे टॉ बूटिस और उसके उपग्रह टॉ बूटिस बी के नामकरण के लिए पूरे विश्व से सात नामों का चयन किया है।
इनमें अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक श्रीराम मत्त (श्रीराम शर्मा आचार्य) और उनकी पत्नी भगवती देवी का नाम भी शामिल है। अंतिम चयन इंटरनेट वोटिंग के आधार पर होगा। गायत्री परिवार से जुड़े लोगों और अन्य से वोट कराने के लिए गायत्री तपोभूमि, मथुरा में विशेष काउंटर खोला गया है।
इसके अलावा परिवार के कार्यकर्ता विद्यालयों में जाकर बच्चों का इसके लिए जागरूक कर रहे हैं। गायत्री परिवार के अनिल पाठक ने बताया मसानी स्थित गायत्री तपोभूमि पर वोटिंग के लिए काउंटर खोला गया है। इस पर प्रतिदिन 500 से 700 लोग वोट कर रहे हैं।
एक दर्जन से अधिक टीमें विद्यालय, कालेजों में जाकर युवाओं को इस वोट का महत्व, तरीके समझा रही हैं। कालेजों के गेट पर भी अस्थायी काउंटर लगाकर वोटिंग कराई जा रही है।
आध्यात्मिक क्षेत्र के क्रांतिकारी थे श्रीराम शर्मा आचार्य
मथुरा। जब देश में अंग्रेजों के खिलाऊ क्रांति की चिंगारी ज्वाल बन गई थी, उस दौर में श्रीराम शर्मा आचार्य आध्यात्मिक क्षेत्र में क्रांति का बिगुल फूंक रहे थे।
गायत्री परिवार से जुड़े केसी धाकड़, डा. डीएल शर्मा ने बताया आचार्यजी ने जाति-पांति का भेद मिटाकर बिखरे पड़े हिंदू धर्म को एकजुट किया। अखंड ज्योति, युग निर्माण योजना चलाकर अभियान को प्रगतिशील बनाया।
उन्होंने अलग-अलग भाषाओं में तीन हजार से अधिक पुस्तकें लिखीं। जो साहित्य जगत का एक रिकॉर्ड है।
ऐसे करें वोट
श्रीराम मत्त और भगवती देवी शर्मा को वोट करने के लिए आपको www.nameexoworlds.iau.org पर लॉग ऑन करना होगा। इसके बाद वेबसाइट पर वोट नाउ (vote now) पर क्लिक करें। यहां से आपको नए खोजे गए तारों की सूची प्राप्त होगी।
इस सूची में से टॉ बूटिस खोज कर उस पर वोट के लिए क्लिक करें। यहां चयन के लिए प्रस्तावित नाम में से श्रीराम मत्त, भगवती देवी शर्मा पर जाएं। इसके बाद इन दो नाम के पास दिया वोट बटन पर क्लिक करें।
अब एक बॉक्स जिस पर आईएम नॉट रोबोट लिखा नजर आएगा। उस पर क्लिक करें। इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करने से आपका वोट थैंक यू संदेश के साथ स्वीकार कर लिया जाएगा। अंतिम तिथि 31 अक्तूूबर है।
यह विश्व में भारत के गौरव का सवाल है। अगर तारे का नाम भारतीयों के नाम पर रखा गया तो पूरे संसार में भारत और मथुरा का नाम स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हो जाएगा। देश का गौरव बढ़ाने का दायित्व हर भारतीय का है।
-ईश्वर शरण पांडेय
ट्रस्टी, गायत्री तपोभूमि मसानी मथुरा