मथुरा। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कुट्टू आटा के पांच सैंपल जांच को प्रयोगशाला भेज दिए हैं। इनकी जल्द जांच कराकर रिपोर्ट देने के संबंध में शासन को डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने पत्राचार किया है। इधर, विभाग की जांच में सामने आया है कि कुट्टू आटा बेचने वाले एक दुकानदार सहित उसके परिवार के चार लोग भी उसका सेवन करने से बीमार हुए।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दुकानदार बृजेश दत्त उर्फ बिरजू फरह सीएचसी में भर्ती था। बृजेश व उसकी पत्नी व बच्चा भी बीमार हुए। बृजेश ने पूछताछ में बताया कि उसने पांच किलो खुला कुट्टू का आटा दीपक प्रोविजन स्टोर, फरह से खरीदा था। इसी प्रकार ग्राम बरौदा मसरकपुर के किराना दुकानदार राकेश गोयल की दुकान पर छापा मारा गया। वहां से मौके पर दो किलो कुट्टू का आटा बरामद हुआ। इसमें से एक नमूना भरा गया है।
राकेश गोयल ने बताया कि फरह में स्थित दीपक प्रोवीजन स्टोर से ही उसने आटा खरीदा था। दीपक प्रोविजन स्टोर के मालिक अमित अग्रवाल उर्फ दीपक पुत्र ने भी स्वीकारा कि दोनों दुकानदारों व अन्य छोटे ग्रामीण दुकानदार उसके यहां से कुट्टू का आटा क्रय करके ले गए थे। मौके पर उसकी दुकान की तलाशी ली गई। परंतु आटा नहीं मिला। दुकानदार ने बताया कि उसने सोमवार शाम तक पूरा आटा बेच दिया था। उसने आगरा के दरेसी इलाके के संजय किराना स्टोर से 30 किलो ग्राम कुट्टू का आटा खरीदा था। इसके अलावा टीम ने जिले में अलग-अलग स्थानों पर भी छापामारी कर 5 नमूने भरे। सभी नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है।
प्रकरण की कराई जाएगी जांच, दोषियों पर होगी कार्रवाई
बलदेव विधायक पूरन प्रकाश बीमार हुए लोगों से मुलाकात को फरह सीएचसी पहुंचे। मरीजों से उन्होंने वार्ता की। विधायक पूर्ण प्रकाश ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लखनऊ को भी इस घटना से अवगत करा दिया गया है।
पूरन प्रकाश ने कहा कि जिले में मिलावट खोरी का धंधा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर इसमें सरकारी महक में की भी मिलीभगत सामने आई तो सीएम से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की सिफारिश की जाएगी। सीएमओ को निर्देशित किया गया है कि सभी मरीजों को उचित उपचार दिया जाए। जब तक वह पूर्ण रूप से ठीक न हो जाएं, उनको करना भेजा जाए। जिन मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है, उनका भी फॉलोअप किया जाए।
फरह में मिष्ठान, परचून की दुकान बंद
फरह में इस घटना के बाद एफएसडीए की टीम ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। इससे कस्बे सहित गांवों के मिष्ठान, परचून की दुकान संचालकों में खलबली मची हुई है। मंगलवार के बाद बुधवार को भी फरह कस्बे व उससे लगे गांवों में परचून व मिष्ठान दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बंद रखा। इधर, डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूसरे दिन भी गांव-गांव जाकर मरीजों के संबंध में पड़ताल की।
संरक्षण के कारण फल-फूल रहा मिलावटखोरी का धंधा
मथुरा। फरह की घटना से पूर्व अप्रैल 2024 में 30 से अधिक लोग मिलावटी कुट्टू का आटा, मसालों के सेवन से बीमार हुए थे। उस समय मिलावटखोरों पर कार्रवाई के तमाम दावे-वादे हुए। मगर, रिश्वत बाजी की एवज में संरक्षण इन मिलावटखोरों को इस कदर मिला है कि वह कार्रवाई से डरते नहीं है।जिले के सौंख इलाके में सरसों के तेल का बड़े स्तर पर कारोबार होता है।
फरह में हर रोज धौलपुर में निर्मित मिठाइयों की खेप लेकर गाड़ी पहुंचती है। यहां तीन एजेंट हैं, जो इन मिठाइयों को इलाके की विभिन्न दुकानों पर सप्लाई करते हैं। कई बार लोग इन मिठाइयों में मिलावट होने की शिकायत कर चुके हैं। मगर, खाद्य सुरक्षा विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंगती है। फरह में सोमवार रात को हुई घटना भी इसी अनदेखी की देन है।
मंगलवार को फूड प्वाॅइजनिंग से प्रभावित गांव में कांग्रेस से सांसद का चुनाव लड़े मुकेश धनगर पहुंचे। उन्होंने लोगों से बातचीत की। मुकेश धनगर ने बताया कि गांव के लोगों का कहना है कि उनके यहां खुलेआम दुकानों पर मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री होती है। मगर, चेकिंग कभी नहीं होती है। प्रशासन और सरकार की गोद में मिलावटखोरी का धंधा फल-फूल रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग में कुछ प्राइवेट लोग लगे हैं। यह सभी महीनेदारी की रकम की उगाही कर अधिकारियों तक पहुंचाते हैं। यह निजी लोग हर रोज सुबह विभाग के बाहर ही खड़े रहते हैं।