फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mathura News: 350 जिंदा भटक रहे, 1200 मृत लाभार्थियों के खाते में डाल दी पेंशन

विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा। समाज कल्याण विभाग के भी अजीब कारनामे हैं। जिंदा वृद्ध पेंशन राशि पाने के लिए चक्कर काट रहे हैं और विभाग ने मृतकों को धनराशि बांट दी। विभागीय सत्यापन में इस मामले का खुलासा हुआ है। अब अधिकारी मृतकों के खाते से पेंशन राशि रिकवर करने की तैयारी में लगे हैं। 1200 के करीब मृतक हैं, जिनके खाते में पेंशन राशि भेजी गई है।
विज्ञापन

समाज कल्याण विभाग के पास 50612 पेंशन लाभार्थी हैं। एक हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से इनके खाते में पेंशन जारी की जाती है। इनमें 1200 के करीब ऐसे वृद्ध भी शामिल कर लिए, जिनकी मौत हो चुकी है। इन मृतकों को पेंशन के रूप में दी गई धनराशि 20 लाख रुपये के करीब है। इसे अब बैंक को पत्र जारी कर इनके खाते में रुकवाया गया है। इसके साथ ही जो धनराशि निकाल ली गई है। उसे वसूलने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

बता दें कि वृद्धावस्था पेंशन के लिए जिले के सभी ब्लाॅकों और तहसीलों के स्तर पर सत्यापन के इंतजार में 350 के करीब आवेदन लंबित पड़े हैं। ब्लॉक स्तर पर आवेदन के सत्यापन की जिम्मेदारी बीडीओ की होती है। इसके बाद आवेदन एसडीएम के पास जाता है। वहां से इन पर तहसील स्तरीय रिपोर्ट लगती है। दोनों ही स्तरों पर लापरवाही का नतीजा है कि वृद्धों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पहले आवेदकों को चुनावी कार्य की व्यस्तता और बाद में आचार संहिता लगने पर हवाला दिया गया।
विज्ञापन



राशन और आधार कार्ड की फीडिंग के फेर में फंसी पेंशन
जिले में 5 हजार से अधिक पेंशन लाभार्थियों का डाटा एनपीसीआई पोर्टल से जिला समाज कल्याण विभाग को आधार फीडिंग कराने के लिए मिला है। विभाग के अनुसार आधार फीडिंग का काम खुद ही पेंशनर्स को बैंक जाकर कराना है, तभी उनको राशि का भुगतान होगा। इनमें कुछ ऐसे मामले भी हैं, जिनमें वृद्धावस्था पेंशन आवेदन पत्र से उनका राशन कार्ड की फीडिंग नहीं हुई है या फिर उनके द्वारा अपना राशन कार्ड बनवाया ही नहीं गया है। ऐसे पेंशनर्स का भुगतान भी मुख्यालय द्वारा रोक दिया है। विभाग के अनुसार राशन कार्ड फीडिंग या राशन कार्ड बनवाने का काम भी खुद वृद्ध पेंशनर्स को करना है।
बोले पीड़ित
हामिदा निवासी सुखदेव नगर बुधवार को समाज कल्याण विभाग के कार्यालय पर पहुंचे। बताया कि 8 माह से पेंशन रुकी पड़ी है। बाबू स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं। कभी कोई कागज कम तो कभी कोई अन्य कमी बताकर टरका देते हैं।
जुबैर निशा निवासी सुखदेव नगर ने बताया कि उनकी पेंशन एक साल से रुकी हुई है। पेंशन पुनः चालू कराने के लिए कई बार विभाग के चक्कर लगा रही हूं।
वर्जन
सत्यापन के दौरान, जो लाभार्थी मृत पाए गए हैं। उनके परिजनों से रिकवरी की जाएगी। लंबित आवेदनों को भी स्वीकृति की प्रक्रिया में लाया गया है। जल्द पात्र आवेदकों को पेंशन जारी होगी।
विज्ञापन

- नरेंद्र पाल सिंह, समाज कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें