मथुरा। डायबिटीज रोगियों की संख्या में बढ़ोत्तरी सामने आई है। जिला अस्पताल में पिछले एक महीने में लगभग 300 नए मरीज अस्पतालों में पहुंचे हैं। यानी कि हर रोज औसतन 10 लोग डायबिटीज पीड़ितों की सूची में शामिल हुए हैं। अधिकांश मामलों में तला-भुना भोजन, मिठाइयों का अत्यधिक सेवन और दिनचर्या में अनियमितता मुख्य कारण पाई गई है।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सिद्धार्थ धनगर ने बताया कि त्योहारों के दौरान भी लोग अपनी सामान्य दिनचर्या से हटकर असंतुलित भोजन करने लग जाते हैं। लगातार कई दिनों तक मिठाइयां खाने, व्यायाम न करने और देर रात तक जागने का असर ब्लड शुगर लेवल पर पड़ता है। इसी वजह से जिला अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि डायबिटीज पीड़ितों में युवा मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। 25 से 40 वर्ष की उम्र के लोगों में ब्लड शुगर अनियंत्रित होने के मामले पिछले वर्षों की तुलना में अधिक सामने आए हैं। युवाओं में यह समस्या तनाव, फास्ट फूड और अनियमित जीवनशैली के कारण हो रही है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने कहा कि त्योहारों अथवा विशेष दिनों में मिठाइयों का सेवन स्वाभाविक है, लेकिन बाद में भोजन को संतुलित करने के लिए नियमित व्यायाम भी करना चाहिए। पानी का सेवन बढ़ाना बेहद जरूरी है। डायबिटीज की शुरुआती अवस्था में रोगी सावधानी बरतकर अपनी स्थिति को नियंत्रित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सप्ताह में कम से कम पांच दिन 30 मिनट तक टहलना चाहिए। चीनी और तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। प्रत्येक 3 महीने में ब्लड शुगर की जांच अवश्य करानी चाहिए।