छाता के कस्तूरबा विद्यालय की 30 छात्राओं की गुरुवार को तबीयत बिगड़ गई। छात्राओं को वायरल और उल्टी-दस्त की शिकायत पर चिकित्सकों की टीम विद्यालय पहुंची और सभी को उपचार दिया गया। सात छात्राओं को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
छाता में महिला समाख्या द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में करीब 150 छात्राएं अध्ययनरत हैं। बताया गया है कि बुधवार से ही कुछ छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी थी। जब बीमार छात्राओं की संख्या बढ़ी तो विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। सीएमओ आफिस को सूचना दी गई।
गुरुवार को तत्काल डाक्टर मेघश्याम गौतम और डा. रमन वर्मा टीम लेकर कस्तूरबा विद्यालय में पहुंच गए। यहां सभी तीस छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सभी को दवाएं दीं। सात छात्राओं को लाभ न होने पर मथुरा जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
चिकित्सकों ने बताया कि 30 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दी गई है। इनमें से सात छात्राओं को उल्टी दस्त की गंभीर शिकायत होने पर पहले छाता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। सभी छात्राओं का उपचार चल रहा है।
दूषित पानी से बीमार होने का अनुमान
छाता में विद्यालय के आसपास जलभराव है। इसके चलते यहां मच्छर पनप रहे हैं। इसके अलावा संभावना है कि दूषित पेयजल के कारण छात्राएं बीमार हुईं। छात्रों का परीक्षण करने वाले चिकित्सक डा. मेघश्याम गौतम ने बताया अधिकांश छात्राएं वायरल और खुजली से पीड़ित थीं। ये रोग दूषित पानी के कारण होने की संभावना है।