मथुरा। एडीजे-5 डाॅ. पल्लवी अग्रवाल की अदालत ने सोमवार को जानलेवा हमले के मुकदमे के दो आरोपियों को साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी करार दिया है। दोनों की सजा के बिंदु पर 15 मई को अदालत सुनवाई करेगी।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी अवनीश उपाध्याय ने बताया कि वादी मुकदमा महावीर सिंह निवासी प्रताप नगर, जमुनापार ने 22 दिसंबर 2020 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसका पुत्र उमेश, पप्पू के खोखे पर बैठकर चाय पी रहा था। इसी दौरान रिषभ और कृष्णा नशे में आए और बेटे को गाली देने लगे। बेटे ने विरोध किया तो धमकी देकर चले गए। कुछ देर बाद बेटा उमेश चाय पीकर उठा और लघुशंका करने चला गया। तभी रिषभ, कृष्णा अपने साथ भोला को लेकर वहां पहुंचा और भोला ने उमेश को गोली मार दी। तीनों आरोपी मौके से भाग गए।
एडीजीसी के अनुसार पुलिस ने भोला को गिरफ्तार कर उमेश पर गोली चलाने में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया था। विवेचना कर पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। एडीजे-5 डा. पल्लवी अग्रवाल की कोर्ट में ट्रायल हुआ। मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने सात गवाही कराईं। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीनों को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। 15 मई को सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी।