फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: वृंदावन से 28 वर्ष पहले रामनवमी पर ब्रजवासियों ने शुरू किया प्रदूषण मुक्ति आंदोलन, अब देशभर में गूंज

Mon, 07 Apr 2025 10:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

16 अप्रैल 1997 को रामनवमी के दिन ब्रजवासियों ने प्रदूषण मुक्ति सेवा की शुरुआत की थी, जिसकी गूंज आज देश-विदेश में भी  है। 
 
विज्ञापन
मथुरा। बिहारीजी मंदिर के निकट नाली साफ करते पूर्व विधायक प्रदीप माथुर एवं अन्य। फाइल फोटो - फोटो : mathura
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्रीधाम वृंदावन को प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से 28 वर्ष पहले 16 अप्रैल 1997 को रामनवमी के दिन ब्रजवासियों ने प्रदूषण मुक्ति सेवा की शुरुआत की थी। आज यह आंदोलन केवल वृंदावन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसकी आवाज अब देश-विदेश में गूंज रही है और इसने सफाई व्यवस्था को लेकर जागरूकता बढ़ाई है।
विज्ञापन


इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि करीब तीन दशक पहले तक वृंदावन की गलियों और बाजारों में कूड़े के बड़े ढेर लगे रहते थे। सड़कों के दोनों ओर गंदगी फैली रहती थी और छुट्टा पशु अक्सर भटकते रहते थे जिससे श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन में मुश्किलें आती थीं। इसके अलावा मंदिरों में भी सफाई की कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी।
 

 

Trending Videos

प्रदूषण और गंदगी की इस समस्या का समाधान निकालने के लिए ब्रजवासियों ने मिलकर प्रदूषण मुक्ति आंदोलन की शुरुआत की। दिल्ली से आए संजय रतन के नेतृत्व में वृंदावन बंधु नामक संस्था का गठन किया गया और इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी को परियोजना अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। इस संस्था ने मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से मिलकर प्रदूषण हटाने की योजनाओं पर काम किया।

1997 में श्रीरामनवमी के दिन ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में प्रदूषण मुक्ति सेवा का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस मौके पर धामसेवी सेवक शरण महाराज, आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी, ललित बल्लभ गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण पाठक सहित कई प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित थे।
 
विज्ञापन


इस अभियान के तहत मंदिरों के आसपास की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया गया। छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान किया गया। दुकानदारों के सहयोग से दुकानों के नीचे कूड़ा रखने के लिए ड्रम रखवाए गए और कूड़े को वाहन के जरिए डलावघर तक पहुंचाया गया। इसके साथ ही सफाई के लिए निजी कर्मियों को नियुक्त किया गया। धीरे-धीरे यह सफाई अभियान वृंदावन के अन्य प्रमुख स्थानों जैसे राधावल्लभ, राधारमण और परिक्रमा मार्ग तक फैल गया।

आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि इस अभियान को भगवान श्रीकृष्ण की लीला से प्रेरणा मिली जब उन्होंने यमुना को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए कालिया नाग को नाथ किया था। इसी लीला की प्रेरणा से ब्रजवासियों ने प्रदूषण मुक्ति आंदोलन की शुरुआत की।

आंदोलन की सफलता
आज यह आंदोलन न केवल वृंदावन बल्कि देशभर में सफाई के लिए एक उदाहरण बन चुका है। इसके परिणामस्वरूप केंद्र और राज्य सरकारें भी सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें