राधाकुंड की राधानगर कालोनी में रह रहे बंगाली समाज के लोग भंडारों का प्रसाद खाकर उल्टी और दस्त के शिकार हो गए हैं। इनकी संख्या 200 के करीब बतायी जा रही है। इसमें 80 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई। सभी बीमार स्थानीय चिकित्सालयों में उपचार करा रहे हैं।
राधाकुंड स्थित राधानगर कालोनी और आसपास रहने वालों में एक बड़ी संख्या पश्चिम बंगाल से आए परिवारों की हैं। ये भजन संकीर्तन और छोटे-छोटे रोजगार कर अपने परिवारों का पालन कर रहे हैं। ये लोग मंदिरों, आश्रमों में आयोजित भंडारों में प्रसाद पाकर अपना पेट भर लेते हैं।
अन्नकूट के दिन भी इन लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रसाद खाया। इसके बाद इन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। उल्टी और दस्त के चलते कृष्णदास (80) की मौत हो गई। इधर बीमार लोग अस्पतालों की ओर भागने लगे।
स्थानीय चिकित्सालय गिरिराज हॉस्पिटल, गौरधाम अस्पताल में सबसे अधिक रोगी पहुंचे। रोगियों का उपचार कर रहे चिकित्सक भगवत प्रसाद गोस्वामी ने बताया कि सभी उल्टी और दस्त के शिकार हैं।
उन्होंने बताया कि ऐसे मरीज पिछले दो दिन से हास्पिटल में उपचार के लिए आए हैं। बुधवार को संख्या सर्वाधिक है। मरीज अरुण मंडल, सुरेश, लक्खी, सर्विला, दीनबंधु दास, अरविंद कुमार ने बताया कि त्योहार के दौरान उन्होंने भंडारे का प्रसाद खाया था। तभी से उनकी तबियत बिगड़ रही है।
बुधवार शाम को उल्टी, दस्त के बीमारों की सूचना मिली थी इस पर चिकित्सकों की टीम राधाकुंड भेजी गई। टीम ने 200 से अधिक रोगियों का परीक्षण किया है, इनमें अधिकांश उल्टी दस्त के रोगी हैं। अब स्थिति नियंत्रण में है।
- डा. मुनीष पौरुष
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक केंद्र गोवर्धन