शहर में मीट की 20 दुकानों को लाइसेंस प्रदान कर दिए गए हैं। यह सभी निर्धारित प्रक्रिया के तहत हुआ है। पालिका ने इन्हें मीट की बिक्री के लिए एनओसी दी है और लाइसेंस खाद्य विभाग ने जारी किया है। शहर में अभी 700 और विक्रेता मीट बिक्री के लाइसेंस की लाइन में हैं।
प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनते ही पूरे प्रदेश के साथ धर्म और आस्था से जुड़ी मथुरा नगरी में भी मीट का अवैध कारोबार धड़ाम हो गया था। अवैध रूप से चल रही मीट की दुकानों को बंद करा दिया। दरेसी कट्टीघर भी बंद कराया गया। राज्य सरकार के रुख को देखते हुए शहर में अब तक अवैध रूप से हो रहा मीट कारोबार पूर्ण रूप से बंद हो गया।
ऐसी स्थिति में मीट व्यवसाय से जुडे़ लोगों ने मीट की दुकान खोलने के लिए विधिक प्रक्रिया अपनाई। 700 आवेदन पालिका में एनओसी के लिए जा पहुंचे। हालांकि पालिका ने अभी तक 20 एनओसी जारी की हैं। खाद्य विभाग की ओर से इनके लाइसेंस जारी हो गए। शुक्रवार को मीट व्यवसायियों ने डीएम से मुलाकात करते हुए शिकायत दर्ज कराई कि अब तक पालिका ने मुर्गा, बकरा और मछली की बिक्री की अनुमति दी है। भैंस की मीट की बिक्री की अनुमति भी जारी कराई जाए। डीएम नेे इस मामले में शहर में कट्टीघर न होने की जानकारी दी।