कोसीकलां। विद्युत निगम की ओर से दो साल में करीब 20 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी बिजली संकट से लोगों को निजात नहीं मिल पा रही है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक एक फॉल्ट में ही पूरी बिजली व्यवस्था धड़ाम हो रही है।
दिन में कई-कई बार ट्रिपिंग, फाल्ट होने के साथ ही रातभर बिजली गुल रहने लोग बेचैन हैं। नींद पूरी न होने की वजह से लोगों दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बिजनेस प्लान और आरडीएसएस के प्लान के तहत 2023-24 एवं 2025-26 में करीब 20 करोड़ की लागत से करीब 30 काम कराए गए हैं। जिसमें ट्रांसफाॅर्मर क्षमता वृद्धि और बंच, पोल बदलने का कार्य किया गया था, जिसमें करीब 6 काम अधूरे रह गए। ठेकेदार सामान लेकर भाग गया। बाद में अधिकारियों ने ठेकेदार पर दबाब बनाकर आधा सामान ले लिया, उसके बाद काम का कोई पता नही लग सका। गोपाल बाग और टाऊन फीडर में काम अधूरा रह गया। अगर यह काम पूरा हो जाते तो समस्या से निजात मिल जाती। यह तो दूर की बात है, लाइनमैनों के पास फेस सही करने के लिए काॅपर का तार नही है। इससे फेस नहीं जुड़ पा रहे हैं।
अधिकारियों का दावा था कि इन कामों के बाद अब गर्मियों में बिजली संकट से लोगों को नहीं जूझना पड़ेगा, लेकिन धरातल पर दावे सभी धरे रह गए। बुधवार रात को तो सभी फीडरों पर फॉल्ट की झड़ी लग गई। पूरी रात लोग अंधेरे में रहे। अधिशासी अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि ओवरलोड की वजह से समस्याएं हो रही हैं। फॉल्ट होने पर तत्काल उन्हें सही करने के निर्देश हैं। प्रयास किया जा रहा है कि सभी क्षेत्रों को ज्यादा से ज्यादा आपूर्ति दी जाए।