भक्तों ने अपने आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी को मनाने के लिए उनके चरणों में हजार-पांच सौ के नोट ही नहीं सोने-चांदी के आभूषण और विदेशी मुद्रा भी चढ़ाई। शुक्रवार को ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की तीन गुल्लकें खुलीं तो उनमें से 16 लाख से अधिक की धनराशि के साथ आभूषण और विदेशी मुद्रा और अन्य सामान भी निकला। गिनती के लिए 40 लोग लगाए गए। अभी 13 गुल्लकें बाकी हैं। इससे पहले सितंबर के पहले सप्ताह में ये गुल्लकें खोली गई थीं।
मथुरा मुंसिफ और मंदिर प्रशासक के आदेश पर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर वृंदावन की ये तीन गुल्लक खोली गईं। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध तंत्र के 40 कर्मचारियों ने गिनती की। इस दौरान केनरा बैंक, इंडियन बैंक के कर्मचारी गुल्लकों से निकली धनराशि, आभूषणों आदि की सूची बनाते रहे। दोपहर डेढ़ बजे चढ़ावे की रकम को गिनना शुरू किया गया। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद साढ़े चार बजे ये गिनती समाप्त हुई। गुल्लकों में कुल 16,44,909 रुपये निकले हैं। ये कार्य शनिवार को भी होगा।
पर्यवेक्षक अधिवक्ता राधाचरण उपाध्याय, भरत सिंह आर्य, जयप्रकाश शर्मा और लेखपाल ओमप्रकाश पटेल सारी प्रक्रिया की निगरानी करते रहे।
8 से 10 दिन में पूरा होगा कार्य
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की 16 गुल्लकों में से शनिवार को 2 नंबर की गुल्लक, गर्भगृह और गणेश मंदिर वाली गुल्लक को खोला गया। दोपहर में मंदिर के पट बंद होने के बाद गिनती शुरू हुई। मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा ने बताया कि मंदिर में 14 बड़ी और दो छोटी गुल्लकें हैं। इनकी गिनती का कार्य शुक्रवार को शुरू किया गया। शनिवार को खोली गई गुल्लकों में से एक हजार के 237 नोट, पांच सौ के 1,139 नोट और दो हजार के 2 नए नोट मिले हैं। उन्होंने बताया कि सभी 16 गुल्लकों में जमा रकम की गिनती करीब 8 से 10 दिन में पूरा होगा।