गोवर्धन-बरसाना रोड पर मथुरा-अलवर रेलमार्ग के नीमगांव क्रॉसिंग पर जाम से निजात दिलाने के लिए फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पेड़ कटान की अनुमति न मिलने से लटक गया है। इसके निर्माण की राह में 150 पेड़ बाधक बने हुए हैं। इनके कटान के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति का इंतजार किया जा रहा है। इसी के बाद इसका कार्य आगे बढ़ सकेगा।
गोवर्धन-बरसाना रोड पर नीमगांव रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन आने से फाटक बंद हो जाता है। इससे यहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है। इस मार्ग से हर महीने लाखों श्रद्धालु हरियाणा, दिल्ली और पंजाब से गोवर्धन परिक्रमा व दर्शन के लिए पहुंचते हैं। गोवर्धन रिंग रोड भी इसी मार्ग से जुड़ गया है, जो डीग, मथुरा, सौंख-भरतपुर मार्ग को जोड़ता है। वाहनों का दबाव बढ़ने से क्रॉसिंग पर आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। फाटक बंद होने के बाद दोपहिया वाहन चालक भी जान जोखिम में डालकर निकलने का प्रयास करते हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने उत्तर मध्य रेलवे के मथुरा-अलवर रेल सेक्शन में समपार संख्या 22सी पर फोरलेन रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण की परियोजना बनाई। इसके लिए शासन से 147 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन इसके निर्माण में बाधक 150 पेड़ों के कटान के लिए सुप्रीम कोर्ट में अनुमति याचिका लंबित है।
इसके चलते इसका कार्य आरंभ नहीं हो पा रहा है।नीमगांव रेलवे क्रॉसिंग गोवर्धन की आबादी के बिल्कुल नजदीक है। यहां स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं का भी लगातार आवागमन रहता है। इसी मार्ग से बरसाना, नंदगांव, कोसी और छाता जुड़े हैं। ओवरब्रिज बनने से रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से राहत मिलने के साथ यातायात व्यवस्था भी सुचारु होगी।
अलीगढ़ सेतु निगम के एक्सईएन रित्विक श्रीवास्तव ने बताया कि नीमगांव में रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण की परियोजना स्वीकृत हो गई है। यहां निर्माण में बाधक पेड़ों के कटान के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलते ही इसका कार्य आरंभ करा दिया जाएगा।