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Mathura News: .12.10 टन पनीर-पेड़ा नष्ट

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मथुरा। अगर आप खुले बाजार से दूध या दूध से बने पदार्थ खरीदकर खाते हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि जिले में कैमिकल से बने पदार्थ बिक रहे हैं। यह आपकी सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने पांच माह के अंदर इसी तरह का 12.10 टन पनीर व पेड़ा नष्ट कराया है। साथ ही तीन मिलावटखोरों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक कार्रवाई कोसीकलां, छाता, शेरगढ़ और वृंदावन क्षेत्रों में की गई है। राजस्थान के डीग और भरतपुर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों से मथुरा की तरफ आने वाले संदेहास्पद वाहनों पर विशेष नजर रखी गई। एनएच-2 और नंदगांव रोड पर लगातार चेकिंग अभियान चलाकर भारी मात्रा में मिलावटी पनीर पकड़ा गया। इसके अलावा, धौलपुर से आपूर्ति किए जा रहे वाहनों से वृंदावन में भी बड़े पैमाने पर दूषित पेड़ा पकड़ा गया। 10 सितंबर को नंदगांव रोड और 25 अगस्त को एनएच-2 कोसीकलां के पास वाहनों की चेकिंग कर एक हजार किग्रा और 1,200 किग्रा मिलावटी पनीर नष्ट किया गया। कई जगहों पर अवैध रूप से चल रही पनीर निर्माण इकाइयों का भी भंडाफोड़ किया गया। हुसैनी (शेरगढ़), राधारानी मिल्क प्रोडक्ट (कोसीकलां) और नगला उटावर में की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में रिफाइंड पामोलीन ऑयल, सोयाबीन ऑयल, टीनोपाल और अन्य अपमिश्रक भी बरामद हुए। खतरनाक केमिकल्स और स्टार्च मिलाकर तैयार किए जा रहे इस दूध और पनीर को मौके पर सीज कर नष्ट कराया गया। विभाग ने गंभीर मामलों में संलिप्त तीन संचालकों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई और 56 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

बरसाना, गोवर्धन और वृंदावन में दूषित पेड़ा भी नष्ट कराया
इसके अलावा बरसाना में 400 किलो दूषित पेड़ा, वृंदावन में दो प्रतिष्ठानों से 4100 किलो पेड़ा, गोवर्धन में 1200 किलो पनीर और 3000 लीटर दूध तथा वृंदावन में धौलपुर से आपूर्ति किए जा रहे वाहन से 1700 किलो दूषित पेड़ा नष्ट कराया गया। इन कार्रवाइयों में नष्ट कराए गए खाद्य पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 23.58 लाख रुपये आंकी गई है।
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जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाएगा। त्योहारी सीजन और सामान्य दिनों में भी हमारी टीमें लगातार सक्रिय हैं। पिछले पांच महीनों में हमने 12 टन से अधिक दूषित पनीर, पेड़ा और हजारों लीटर दूध नष्ट कराया है। आम जनता से भी अपील है कि किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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डाॅ. जतिन कुमार सिंह, सहायक आयुक्त द्वितीय, खाद्य सुरक्षा विभाग
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